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यशवंत सिन्हा ने आप के 20 विधायकों पर राष्ट्रपति के फैसले को बताया 'तुगलकशाही'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 21 Jan 2018 10:12 PM IST
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भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता खत्म किए जाने को तुगलकशाही फैसला करार दिया।
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उन्होंने ट्वीट किया कि राष्ट्रपति का फैसला न्याय की प्रकृति के खिलाफ है। इस मामले में न कोई सुनवाई हुई और न ही हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार किया गया। स्वाभाविक न्याय का पूरी तरह गर्भपात करा दिया गया।
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यह तुगलकशाही का सबसे बदतर आदेश है। उनके इस ट्वीट को आप के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से रिट्वीट भी किया गया। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रह चुके सिन्हा ने पिछले कुछ दिनों से सरकार और भाजपा नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है।
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उन्होंने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ प्रेस कांफ्रेंस करने वाले चार जजों के बहाने पर भी सरकार पर निशाना साधा था। इससे पहले वह नोटबंदी, जीएसटी, अर्थव्यवस्था और कश्मीर मुद्दे पर भी केंद्र की तीखी आलोचना कर चुके हैं।
President's order disqualifying the 20 AAP MLAs is complete miscarriage of natural justice. No hearing, no waiting for High Court's order. It is Tughluqshahi of the worst order.
— Yashwant Sinha (@YashwantSinha) January 21, 2018
बता दें कि लाभ के पद के उल्लंघन मामले में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने के लिए चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति से सिफारिश की थी। राष्ट्रपति ने चुनाव आयोग की सिफारिश को मंजूरी दे दी।
चुनाव आयोग ने इस मामले में बीते शुक्रवार को हुई अहम बैठक में फैसला लेते हुए आप के इन लाभार्थियों की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश राष्ट्रपति से की थी। जिसके बाद से आप के 20 विधायकों का भविष्य राष्ट्रपति के दरबार में अटका हुआ था।