{"_id":"694b26dc952facd2470b9ad7","slug":"defence-minister-rajnath-singh-released-special-guide-prepared-by-the-border-roads-organisation-bro-2025-12-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"BRO New Guidelines: रक्षा मंत्री ने जारी की बीआरओ की मार्गदर्शिका, सड़कों के निर्माण में करेगी मदद","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
BRO New Guidelines: रक्षा मंत्री ने जारी की बीआरओ की मार्गदर्शिका, सड़कों के निर्माण में करेगी मदद
Wed, 24 Dec 2025 05:03 AM IST
लव गौर
एजेंसी
एजेंसी
Published by: लव गौर
Updated Wed, 24 Dec 2025 05:03 AM IST
सार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमा सड़क संगठन की नई गाइडलाइन सीमावर्ती इलाकों में रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूती देगा।
विज्ञापन
राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश की सीमाओं पर सड़कों का जाल बिछाने और रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से तैयार की गई विशेष मार्गदर्शिका जारी की। यह मार्गदर्शिका सड़कों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए एक मानक दस्तावेज के रूप में काम करेगी।
अक्सर अधूरी योजना या खराब रिपोर्ट की वजह से सड़क परियोजनाओं के बजट और समय में बढ़ोतरी हो जाती है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह नई मार्गदर्शिका इंजीनियरों को बेहतर डिजाइन, निर्माण के तरीके और लागत विश्लेषण में मदद करेगी। इससे दुर्गम इलाकों में बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता सुधरेगी और काम समय पर पूरा होगा। यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास और रणनीतिक कनेक्टिविटी के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।
ये भी पढ़ें: Defence: 'आज के दौर में वायु शक्ति निर्णायक बन चुकी है', वायुसेना कमांडरों के सम्मेलन में बोले राजनाथ सिंह
विज्ञापन
इससे पहले सोमवार को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) के बीच महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य रक्षा और आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान और ट्रेनिंग को बढ़ावा देना है। आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए यह साझेदारी भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और सुरक्षा बलों की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी। मौके पर थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ सैन्य और नागरिक अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
अक्सर अधूरी योजना या खराब रिपोर्ट की वजह से सड़क परियोजनाओं के बजट और समय में बढ़ोतरी हो जाती है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह नई मार्गदर्शिका इंजीनियरों को बेहतर डिजाइन, निर्माण के तरीके और लागत विश्लेषण में मदद करेगी। इससे दुर्गम इलाकों में बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता सुधरेगी और काम समय पर पूरा होगा। यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास और रणनीतिक कनेक्टिविटी के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Defence: 'आज के दौर में वायु शक्ति निर्णायक बन चुकी है', वायुसेना कमांडरों के सम्मेलन में बोले राजनाथ सिंह
विज्ञापन
इससे पहले सोमवार को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) के बीच महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य रक्षा और आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान और ट्रेनिंग को बढ़ावा देना है। आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए यह साझेदारी भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और सुरक्षा बलों की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी। मौके पर थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ सैन्य और नागरिक अधिकारी मौजूद रहे।