हार के बाद सामने आई दीपा के पिता की ये टीस...
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भारतीय जिम्नास्टिक की नई सनसनी दीपा कर्माकर के रियो ओलंपिक में मामूली अंतर से पदक चूकने का मलाल पूरे देश को हो रहा है। लोग दीपा के प्रदर्शन की दिल खोलकर तारीफ कर रहे हैं लेकिन जिम्नास्ट के पिता को लगता है कि अगर प्रतियोगिता के दौरान उसके साथ एक मैनेजर भी होता तो परिणाम और बेहतर हो सकते थे।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार बेटी के प्रदर्शन से संतोष जताते हुए उनके पिता दुलाल कर्माकर ने कहा कि दीपा के प्रदर्शन के बाद अगर उसके साथ एक मैनेजर होता तो मुश्किल समय में उसे मदद मिल सकती थी।
दीपा के पिता ने यह बयान उसके कोच बिश्वेश्वर नंदी के इस आरोप के बाद दिया कि मैनेजर न होने की वजह से वह इस निर्णय के खिलाफ अपील भी नहीं कर सके जिसमें दीपा बहुत कम अंतर से पदक से वंचित रह गई।
कोच ने कहा मैनेजर होता तो हम प्रोटेस्ट कर सकते थे
बता दें कि त्रिपुरा की 23 साल की दीपा कर्माकर ने पहली महिला जिम्नास्ट के तौर पर ओलंपिक के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया था। जहां वह 0.150 प्वाइंट के मामूली अंतर से कांस्य पदक जीतने से वंचित रह गई थी। दीपा फाइनल में चौथे नंबर पर रही थी। खतरनाक प्रोडुनोवा वाल्ट में 15.266 अंक बटोरने वाली दीपा को ओवरआल 15.066 अंक मिले।
दुलाल कर्माकर ने इतने बड़े आयोजन में मैनेजर की बहुत जरूरत होती है क्योंकि एक कोच ही सबकुछ नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि जब मैं दीपा के ट्रेनिंग सेशन के दौरान दिल्ली में था तब मैंने सुना था कि एक मैनेजर रियो जाएगा लेकिन वह नहीं गया। एक कोच को मैनेजर के साथ होने से बड़ी मदद मिलती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दीपा के प्रैक्टिस सेशन के दौरान उसकी मदद के लिए एक फिजियोथेरेपिस्ट भी वहां भेजा जाना था लेकिन कुछ औपचारिकताओं के कारण वह भी वहां नहीं पहुंच सका।