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मेरठ में दलित युवक की भीड़ द्वारा हत्या का मामला राज्यसभा में उठा
भाषा, नई दिल्ली
Updated Fri, 10 Aug 2018 03:07 PM IST
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भीड़ हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन (फाइल फोटो)
भीड़ हिंसा का मुद्दा एक बार फिर संसद में गूंजा। राज्यसभा में शुक्रवार को विपक्षी दलों ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित समुदाय के एक युवक की भीड़ द्वारा पीट पीट कर मार डालने (लिंचिंग) की घटना का मुद्दा उठाया।
सपा के रामगोपाल यादव ने शून्य काल में यह मुद्दा उठाते हुये कहा ‘‘कल जब हम उच्च सदन में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विधेयक को पारित कर रहे थे, उस समय मेरठ में एक दलित युवक लिचिंग का शिकार हो गया।’’
उन्होंने कहा कि घटना के समय उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान एक सरकारी आदेश के तहत कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा करने में मशगूल थे।
यादव ने इसे उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की विफलता का ज्वलंत उदाहरण बताते हुये कहा कि पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान मामूली सी घटना पर भी प्रदेश के राज्यपाल संज्ञान लेते थे लेकिन अब वह भीड़ हिंसा जैसी गंभीर घटनाओं के बढ़ जाने पर मौन हो गये हैं।
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सपा नेता ने कहा कि संसद में दलित उत्पीड़न के महज कानून बनते रहते हैं लेकिन वास्तविकता में इन कानूनों का पालन होता ही नहीं है।
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सपा के रामगोपाल यादव ने शून्य काल में यह मुद्दा उठाते हुये कहा ‘‘कल जब हम उच्च सदन में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विधेयक को पारित कर रहे थे, उस समय मेरठ में एक दलित युवक लिचिंग का शिकार हो गया।’’
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उन्होंने कहा कि घटना के समय उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान एक सरकारी आदेश के तहत कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा करने में मशगूल थे।
यादव ने इसे उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की विफलता का ज्वलंत उदाहरण बताते हुये कहा कि पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान मामूली सी घटना पर भी प्रदेश के राज्यपाल संज्ञान लेते थे लेकिन अब वह भीड़ हिंसा जैसी गंभीर घटनाओं के बढ़ जाने पर मौन हो गये हैं।
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सपा नेता ने कहा कि संसद में दलित उत्पीड़न के महज कानून बनते रहते हैं लेकिन वास्तविकता में इन कानूनों का पालन होता ही नहीं है।