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CRPF: सीआरपीएफ में ऐतिहासिक क्षण, बल की स्थापना के बाद पहली बार खिदमतगार, दफ्तरी व चपरासी बन गए हवलदार
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Amar Ujala
विस्तार
देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ में 'खिदमतगार', 'दफ्तरी', 'चपरासी' और सफाई कर्मचारी 'मिनिस्ट्रियल को पहली बार हवलदार बनाया गया है। इन कर्मियों के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। वजह, 1939 में बल की स्थापना से लेकर अभी तक उक्त पदों पर काम करने वाले कर्मचारी, हवलदार नहीं बन रहे थे। उन्हें पूरी नौकरी के दौरान एक ही पद पर काम करना पड़ता था। सोमवार को मिनिस्ट्रियल कैडर के कांस्टेबल दफ्तरी, चपरासी, फर्राश व सफाई कर्मचारियों (217 कर्मी) को हेड कांस्टेबल के पद पर पहली दफा पदोन्नति मिली है। महानिदेशक अनीश दयाल सिंह ने इसे बल के शानदार इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।
सीआरपीएफ के मुताबिक, यह ऐतिहासिक क्षण 1939 में बल की स्थापना के बाद से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह कदम, सभी कर्मियों के अमूल्य योगदान को पहचानने के लिए सीआरपीएफ की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सीजीओ कॉम्पलेक्स स्थित बल मुख्यालय में आयोजित पिपिंग समारोह में सीआरपीएफ महानिदेशक, वरिष्ठ अधिकारी और पदोन्नत कर्मचारियों के परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। यह पदोन्नति न केवल कर्मियों के करियर में मील का पत्थर है, बल्कि सीआरपीएफ के रैंकों के भीतर समावेशिता और प्रशंसा को बढ़ावा देने की दिशा में एक आवश्यक कदम भी है।
डीजी ने कहा, आज, हम न केवल पदोन्नति, बल्कि अपने संगठन की भावना का जश्न भी मना रहे हैं। सीआरपीएफ का प्रत्येक सदस्य, अपनी स्थिति की परवाह किए बिना, राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के हमारे मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नव पदोन्नत हेड कांस्टेबल अपनी नई भूमिकाओं में अपने अद्वितीय दृष्टिकोण और अनुभवों को आगे लाते हुए विशिष्टता के साथ सेवा करना जारी रखेंगे। यह कदम संगठन के भीतर योग्यता और अवसरों को बढ़ावा देने के सीआरपीएफ के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है। जैसे-जैसे सीआरपीएफ का दायरा बढ़ रहा है, यह बल अपने कर्मियों को सशक्त बनाने और यह सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है कि उनके हर योगदान को मान्यता दी जाए। इन कर्मियों को पदोन्नति मिलने की यह ऐतिहासिक घटना, अखंडता, सेवा और उत्कृष्टता के मूल मूल्यों के प्रति बल की प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है।
पिछले दिनों वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने सीआरपीएफ में सिपाही (दफ्तरी, चपरासी, फर्राश/खिदमतगार और सफाई कर्मचारी 'मिनिस्ट्रियल') के कैडर रिव्यू को मंजूरी दी थी। बल में निचले स्तर के कई पदों में कटौती या बढ़ोतरी हुई। कैडर रिव्यू में हवलदार 'दफ्तरी' के 75 पद स्वीकृत किए गए। सिपाही 'दफ्तरी' के 74 पद खत्म कर दिए गए। हवलदार 'खिदमतगार' के 20 पद मंजूर किए गए हैं। इस बल के मौजूदा ढांचे में गेस्टेटनर ऑपरेटर यानी प्रिंटिंग मशीन का संचालन करने के लिए हवलदार का एक पद स्वीकृत था। इसे हवलदार 'साइक्लोस्टाइल मशीन' का पद भी बोला जाता है। कैडर रिव्यू में इस पद को खत्म कर दिया गया है। सातवें वेतन आयोग में इस पद को लेवल 4 में रखा गया था।
हवलदार 'दफ्तरी', जो लेवल 4 में आता है, इसका एक भी पद नहीं था। अब हवलदार 'दफ्तरी' के 75 पद मंजूर किए गए हैं। लंबे समय से सिपाही के पद पर काम करने वालों को अब पदोन्नति का अवसर मिल गया है। सिपाही 'दफ्तरी' का पद, जो लेवल 3 में आता है, मौजूदा समय में ऐसे 350 पद हैं। अब इनमें 74 पदों की कटौती कर दी गई है। लेवल 4 में आने वाले हवलदार (चपरासी) का कोई पद नहीं था। अब हवलदार (चपरासी) के 131 पद सृजित किए गए हैं। इससे सिपाही (चपरासी) के पद पर काम करने वालों को पदोन्नति मिल सकी है। बल में लेवल 3 में सिपाही (चपरासी) के 528 पद थे। अब इनमें से 131 पद खत्म कर दिए गए हैं। लेवल 4 में शामिल हवलदार (फर्राश/खिदमतगार) का कोई पद नहीं था। अब हवलदार फर्राश/खिदमतगार के 20 पद सृजित किए गए हैं।
सीआरपीएफ में लेवल 3 में शामिल सिपाही (फर्राश/खिदमतगार) के 65 पद थे। अब इनमें 20 पदों की कटौती हुई है।
हवलदार (सफाई कर्मचारी 'मिनिस्ट्रियल), लेवल 4 में आता है। अभी तक बल में इसक कोई पद नहीं था। अब नए कैडर रिव्यू में हवलदार (सफाई कर्मचारी 'मिनिस्ट्रियल) के 20 पद सृजित किए गए हैं। बल में सिपाही (सफाई कर्मचारी 'मिनिस्ट्रियल), का पद, जो लेवल 3 में आता है, इसके 63 पद थे। अब कैडर रिव्यू में सिपाही (सफाई कर्मचारी 'मिनिस्ट्रियल) के 20 पदों की कटौती कर दी गई है। कैडर रिव्यू में कुल 1007 पद शामिल हैं।