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John Brittas: माकपा नेता की राहुल गांधी को नसीहत, कहा- वे फूट डालने की बजाय धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकजुट करें
Sat, 19 Jul 2025 01:38 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Sat, 19 Jul 2025 01:38 PM IST
सार
राहुल गांधी ने शुक्रवार को केरल में कहा था कि वह आरएसएस और सीपीआई (एम) से वैचारिक रूप से लड़ते हैं। उनमें लोगों के प्रति संवेदना की कमी है। इस पर माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि राहुल गांधी जब भी केरल जाते हैं, तो ऐसी बकवास बातें बोलने की उनकी प्रवृत्ति हो जाती है।
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माकपा नेता जॉन ब्रिटास और कांग्रेस नेता राहुल गांधी।
- फोटो : ANI
विस्तार
माकपा नेता जॉन ब्रिटास ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की तुलना आरएसएस करने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को फूट डालने की बजाय धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकजुट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बयान का संसद के आगामी मानसून सत्र में विपक्ष की एकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राहुल गांधी ने शुक्रवार को केरल में कहा था कि वह आरएसएस और सीपीआई (एम) से वैचारिक रूप से लड़ते हैं। उनमें लोगों के प्रति संवेदना की कमी है।
राहुल गांधी के बयान पर राज्यसभा में माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि यह हास्यास्पद और निरर्थक है। राहुल गांधी जब भी केरल जाते हैं, तो ऐसी बकवास बातें बोलने की उनकी प्रवृत्ति हो जाती है। मुझे लगता है कि इसके लिए केरल कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है। उन्होंने आरएसएस से मुकाबला करने के लिए केरल को युद्धभूमि के रूप में चुना। जबकि वास्तव में वहां वामपंथियों और कांग्रेस के बीच लड़ाई थी।
ये भी पढ़ें: भ्रामक खबरों पर पायलट फेडरेशन का विदेशी मीडिया संस्थानों को कानूनी नोटिस, माफी मांगने की मांग
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उन्होंने कहा कि मैं दिल से चाहता हूं कि राहुल गांधी जैसे विपक्ष के नेता का उद्देश्य धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकजुट करना होना चाहिए, न कि धर्मनिरपेक्ष दलों के कार्यकर्ताओं में भ्रम और विभाजन पैदा करना चाहिए। उन्हें माकपा को यह सिखाने की जरूरत नहीं है कि आरएसएस से कैसे मुकाबला किया जाए?
ब्रिटास ने कहा कि हमने 2004 में भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस पार्टी का समर्थन किया था। हम कांग्रेस की ढुलमुल नीति को जानते हैं और यह भी कि देश को इसकी कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। जिस तरह से उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन से निपटा, बाबरी मस्जिद के ताले कैसे खोले गए? किस तरह कांग्रेस ने विध्वंस की अध्यक्षता की। हम सभी यह जानते हैं। इसलिए हमें ऐसे विषयों को नहीं उठाना चाहिए जो धर्मनिरपेक्ष ताकतों के बीच विभाजन पैदा करते हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता के रूप में उनकी यह जिम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि ध्यान भाजपा पर केंद्रित रहे। हमें विश्वास है कि हम इन सभी मुद्दों पर काबू पा लेंगे। मैं आने वाले दिनों को लेकर बहुत आशावादी हूं। लेकिन मैं राहुल गांधी जैसे नेताओं से अपेक्षा करूंगा कि वे अधिक परिपक्व और जिम्मेदार हों। और हम संसद में एकजुट विपक्ष के पक्ष में हैं।
ये भी पढ़ें: 'राज ठाकरे और मनसे कार्यकर्ताओं पर हो FIR', सुप्रीम कोर्ट में लगी याचिका; भाषा-आधारित नफरत फैलाने का आरोप
केरल कांग्रेस का इसमें बड़ा हाथ
जॉन ब्रिटास ने एक्स पर भी लिखा कि केरल में कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से नासमझ बनाए रखने पर तुली हुई है। उन्होंने और उनकी बहन ने आरएसएस पर अपने तथाकथित हमले के लिए केरल को मंच के रूप में चुना। राहुल गांधी को आरएसएस के बारे में जो कुछ पता है, वह हमारे दिवंगत नेता सीताराम येचुरी से मिला होगा।
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राहुल गांधी के बयान पर राज्यसभा में माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि यह हास्यास्पद और निरर्थक है। राहुल गांधी जब भी केरल जाते हैं, तो ऐसी बकवास बातें बोलने की उनकी प्रवृत्ति हो जाती है। मुझे लगता है कि इसके लिए केरल कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है। उन्होंने आरएसएस से मुकाबला करने के लिए केरल को युद्धभूमि के रूप में चुना। जबकि वास्तव में वहां वामपंथियों और कांग्रेस के बीच लड़ाई थी।
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उन्होंने कहा कि मैं दिल से चाहता हूं कि राहुल गांधी जैसे विपक्ष के नेता का उद्देश्य धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकजुट करना होना चाहिए, न कि धर्मनिरपेक्ष दलों के कार्यकर्ताओं में भ्रम और विभाजन पैदा करना चाहिए। उन्हें माकपा को यह सिखाने की जरूरत नहीं है कि आरएसएस से कैसे मुकाबला किया जाए?
ब्रिटास ने कहा कि हमने 2004 में भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस पार्टी का समर्थन किया था। हम कांग्रेस की ढुलमुल नीति को जानते हैं और यह भी कि देश को इसकी कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। जिस तरह से उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन से निपटा, बाबरी मस्जिद के ताले कैसे खोले गए? किस तरह कांग्रेस ने विध्वंस की अध्यक्षता की। हम सभी यह जानते हैं। इसलिए हमें ऐसे विषयों को नहीं उठाना चाहिए जो धर्मनिरपेक्ष ताकतों के बीच विभाजन पैदा करते हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता के रूप में उनकी यह जिम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि ध्यान भाजपा पर केंद्रित रहे। हमें विश्वास है कि हम इन सभी मुद्दों पर काबू पा लेंगे। मैं आने वाले दिनों को लेकर बहुत आशावादी हूं। लेकिन मैं राहुल गांधी जैसे नेताओं से अपेक्षा करूंगा कि वे अधिक परिपक्व और जिम्मेदार हों। और हम संसद में एकजुट विपक्ष के पक्ष में हैं।
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केरल कांग्रेस का इसमें बड़ा हाथ
जॉन ब्रिटास ने एक्स पर भी लिखा कि केरल में कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से नासमझ बनाए रखने पर तुली हुई है। उन्होंने और उनकी बहन ने आरएसएस पर अपने तथाकथित हमले के लिए केरल को मंच के रूप में चुना। राहुल गांधी को आरएसएस के बारे में जो कुछ पता है, वह हमारे दिवंगत नेता सीताराम येचुरी से मिला होगा।
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