{"_id":"5ac7cdda4f1c1beb618b5e0f","slug":"court-proceedings-and-judgements-should-in-local-language-says-mohan-bhagwat","type":"story","status":"publish","title_hn":"अदालती कार्यवाही और फैसले स्थानीय भाषाओं में सुनाए जाने चाहिए : भागवत","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
अदालती कार्यवाही और फैसले स्थानीय भाषाओं में सुनाए जाने चाहिए : भागवत
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Sat, 07 Apr 2018 01:13 AM IST
विज्ञापन
मोहन भागवत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरसंघ चालक मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि अदालती कार्यवाही और फैसले स्थानीय भाषाओं में सुनाए जाने चाहिए। उन्होंने भारतीय भाषाओं को प्राथमिकता दिए जाने पर जोर दिया।
विज्ञापन
यहां एक कार्यक्रम में भागवत ने बहुत से उदाहरण देते हुए कहा, विदेशी भाषा भारतीय भाषाओं की भावनाओं और अनुभूतियों को उचित तरीके से व्यक्त नहीं कर सकती। भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र है, इसलिए लोगों को अदालती कार्यवाही और फैसलों को स्थानीय भाषा में सुनने की आजादी मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
अदालत में क्षेत्रीय भाषा की वकालत करते हुए भागवत ने कहा, मातृ भाषा कानून की भाषा भी होनी चाहिए। अगर जरूरत पड़े तो इसके लिए सॉफ्टवेयर भी विकसित किया जाना चाहिए। भले ही स्थानीय भाषाओं के इस्तेमाल से अतिरिक्त लागत बढ़ सकती है, लेकिन अंग्रेजी भाषा के इस्तेमाल में भी खर्चे होते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, हम सभी को अपना कार्य भारतीय भाषाओं में करना चाहिए। वह भारतीय भाषा अभियान की ओर से ‘मां, मातृभूमि और मातृभाषा का कोई विकल्प नहीं’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अभियान को संघ का समर्थन है।