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Hanuman Chalisa Row: विशेष अदालत ने नवनीत और रवि राणा को दिया झटका, खारिज हुई आरोपमुक्त करने की याचिका

Tue, 19 Dec 2023 10:40 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 19 Dec 2023 10:40 PM IST
सार

Hanuman Chalisa Row: हनुमान चालीसा पाठ मामले में विशेष अदालत ने निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा की दोषमुक्त करने की याचिका को खारिज कर दिया है। 

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Court junks discharge plea of MP Rana, her husband in case linked to Hanuman Chalisa row
नवनीत राणा और उनके रवि राणा। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा को मंगलवार को मुंबई की एक विशेष अदालत से झटका लगा है। दरअसल, अदालत ने उनकी आरोप मुक्त करने की याचिका को खारिज कर दिया है। साल 2022 में हनुमान चालीसा के पाठ से जुड़े विवाद में गिरफ्तार करने आए पुलिसकर्मियों का विरोध करने और उन्हें उनके कर्तव्यों का पालन करने से रोकने के आरोप में दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। विशेष अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत हैं। 

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राणा दंपत्ति ने बांद्रा में तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की योजना की घोषणा की थी। इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें गिरफ्तार करने के लिए खार स्थित उनके आवास पर पहुंचे थे। उन्होंने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों द्वारा गिरफ्तारी का विरोध किया था। दंपत्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 353 (लोकसेवक को उसके कर्तव्य का निर्वहन करने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल प्रयोग) के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

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एमपी-एमएलए मामलों की अदालत के विशेष न्यायाधीश आर एन रोकड़े ने मामले में आरोपमुक्त करने की मांग करने वाली दोनों की याचिका खारिज किया और कहा कि प्रथम दृष्टया गवाहों के बयानों के आधार पर आवेदकों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। न्यायाधीश ने कहा, इस प्रकार आईपीसी की धारा 353 के तहत अपराध बनता है।

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आरोपमुक्त करना एक ऐसा चरण है जो किसी मामले में आरोप पत्र दायर होने के बाद आता है। इस कानूनी उपाय के तहत एक आरोपी किसी मामले से आरोपमुक्त होने का तब हकदार है यदि अदालत को दिए गए सबूत अपराध को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। वकील रिजवान मर्चेंट के जरिए दायर आरोपमुक्त करने की याचिका में दावा किया गया कि उनकी छवि धूमिल करने और उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए मुंबई पुलिस के आरोपपत्र में छेड़छाड़ की गई है, ताकि वे दबाव की रणनीति और राजनीतिक एजेंडे के आगे झुक सकें।

पुलिस ने अप्रैल 2022 में उपनगरीय बांद्रा में ठाकरे के निजी आवास 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा के बाद राणा दंपति को गिरफ्तार किया था। दंपति ने बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुंबई यात्रा का हवाला देते हुए योजना रद्द कर दी थी। दोनों नेता अभी जमानत पर बाहर हैं। 

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