कोरोना: आगामी चार हफ्ते बेहद मुश्किल, सरकार बोली- पहले उनको लगेगी वैक्सीन जिनको है ज्यादा जरूरत
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देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की रफ्तार बेहद तेज है। कोरोना संक्रमण और कोविड से होने वाली मौतों की संख्या में भारी बढ़ोतरी ने सरकार से लेकर आम नागरिक तक की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच, कोरोना वैक्सीन की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। लोग वैक्सीन के लिए आयुवर्ग में परिवर्तन करने की मांग कर रहे है। इसे लेकर बुधवार को केंद्र सरकार ने कहा कि कोविड वैक्सीन प्राथमिकता के साथ उनको पहले लगाई जाएगी, जिनको इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है न कि उनको इसे लगवाना चाहते हैं।
कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित महाराष्ट्र ने केंद्र सरकार से 25 साल तक की आयुवर्ग को कोरोना टीका लगाने की अनुमति मांगी। वहीं दिल्ली सरकार ने कहा कि वह केंद्र से सभी आयुवर्ग के लोगों का टीकाकरण करने की अनुमति देने की अपील करेगी। ऐसी ही मांग कई और राज्यों से भी आई है।
इस पर केंद्र सरकार ने कहा कि अभी सभी आयुवर्ग के लोगों का टीकाकरण करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। अभी प्राथमिकता से साथ उन लोगों का टीकाकरण किया जाएगा, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है न कि उनका जो कोविड का टीका लगवाना चाहते हैं। केंद्र सरकार ने कहा कि हमारा उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को संक्रमण से बचाने कहा है।
आगामी चार हफ्ते बेहद अहम
नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि देश में महामारी की रफ्तार बढ़ गई है। चेतावनी दी गई थी कि स्थिति को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। महामारी की स्थिति खराब हो गई है और कोविड-19 के मामलों की बढ़ने की गति पिछली बार की तुलना में अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 प्रबंधन के लिए जन भागदारी और जन आंदोलन का आह्वान किया है। हम अभी भी महामारी को नियंत्रित कर सकते हैं। अगले चार सप्ताह बहुत महत्वपूर्ण होंगे। लगभग हर राज्य में मामले बढ़ रहे हैं। असामान्य स्थिति उभर रही है।
इन दस जिलों में हैं सबसे ज्यादा सक्रिय मामले
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि कोविड के सबसे ज्यादा सक्रिय मामले जिन 10 जिलों में हैं, उनमें सात महाराष्ट्र के हैं, एक जिला कर्नाटक का है, एक छत्तीसगढ़ से है और इसमें दिल्ली भी है। उन्होंने बताया कि पंजाब और छत्तीसगढ़ में मौत की संख्या अत्यधिक चिंता का कारण है। देश के सभी सक्रिय मामलों में से 58 फीसदी सक्रिय मामले महाराष्ट्र में हैं। महाराष्ट्र में कुल मौतों में से 34 फीसदी मौतें हुई हैं।
छत्तीसगढ़ ने बढ़ाई चिंता
भूषण ने कहा कि छत्तीसगढ़ हमारे लिए चिंता का कारण है। एक छोटा राज्य होने के बावजूद यहां से कोरोना के कुल 6 फीसदी केस और 3 फीसदी मौतें रिपोर्ट होती हैं। छत्तीसगढ़ की स्थिति संक्रमण की दूसरी लहर में बिगड़ गई है। पंजाब में कोविड के कारण लगभग 4.5 फीसदी मौतें हो रही हैं। पंजाब की तुलना में दिल्ली और हरियाणा में सक्रिय मामले और मृत्यु दर बहुत कम है। यह संतोषजनक है कि औसत दैनिक परीक्षणों में आरटी-पीसीआर परीक्षणों की हिस्सेदारी पंजाब में बढ़कर 76 फीसदी हो गई है।