Coronavirus: विश्व बैंक ने की भारत की तारीफ, कहा- आरोग्य सेतु एप ने दिखाया नया रास्ता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत सरकार ने आरोग्य सेतु एप बनाई है जो लक्षणों के आधार पर बताता है कि आपको कोरोना वायरस का परीक्षण कराने की जरुरत है या नहीं। इसके जरिए यह भी पता चलता है कि आपके आस-पास कोरोना संक्रमित है या नहीं। यही कारण है कि सरकार लोगों से इसे डाउनलोड कराने पर जोर दे रही है। भारत ने इस एप को लॉन्च करके दिग्गज टेक कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। विशेषज्ञों और बहुत सी एजेंसियों ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए इसे उपयोगी करार दिया है। इसके अलावा विश्व बैंक ने एप की तारीफ करते हुए कहा है कि इसने नया रास्ता दिखाया है।
आरोग्य सेतु के लॉन्च के कुछ दिनों बाद वैश्विक तकनीक की बड़ी कंपनियों एप्पल और गूगल ने शनिवार को कहा कि वे स्मार्टफोन में एक ऐसे सॉफ्टवेयर का निर्माण कर रहे हैं जो कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में मदद करेगा और उपयोगकर्ताओं को सूचित करेगा कि वे कोविड-19 संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए हैं या नहीं।
Coronavirus: भारत सरकार का आरोग्य सेतु एप कितना है सुरक्षित, जानें यहां
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने ट्विटर पर एप्पल के सीईओ टिम कुक और गूगल के सीईओ सुंदर पिचई को टैग करते हुए लिखा, 'भारत कोविड-19 के कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। जिसे उपयोगकर्ता की जानकारी गोपनीय रखे जाने के लिहाज से डिजायन किया गया है। हमें खुशी है कि आरोग्य सेतु की तर्ज पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए एप्पल और गूगल मिलकर इस तरह की एप विकसित कर रहे हैं।'
India leads the way in contact tracing for COVID-19: privacy-first by design, secure, robust and scalable to billion users. Glad to see Apple and Google joining hands to develop contact tracing on the lines of #AarogyaSetu @tim_cook @sundarpichai pic.twitter.com/JDoSl0A5Qa
— Amitabh Kant (@amitabhk87) April 11, 2020
आरोग्य सेतु एप का उदाहण देते हुए विश्व बैंक ने रविवार को एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें कहा गया है कि बड़े पैमाने पर आबादी को शिक्षित करने और संक्रमण को ट्रैक करने में मदद कर सकते हैं। विश्व बैंक की दक्षिण आर्थिक केंद्रीत रिपोर्ट में कहा गया है, 'कोविड-19 के प्रसार की निगरानी के लिए डिजिटल तकनीकों का भी उपयोग किया जा सकता है। इस तरह की पहल, मोटे तौर पर स्वैच्छिक, पूर्वी एशिया में महामारी से निपटने में मदद करने में सफल रही है।'
Coronavirus: 25 लाख जवानों के लिए रडार जैसा है ‘आरोग्य एप’, बताएगा उनसे कितनी दूर है 'कोरोना'!
रिपोर्ट में आगे लिखा है, 'कोरोना लक्षणों की रिपोर्ट करने वालों को प्रोत्साहन प्रदान किया जा सकता है। भारत ने हाल ही में आरोग्य सेतु एप लॉन्च की है जो उपयोगकर्ताओं के स्मार्टफोन की लोकेशन का उपयोग करके उपयोगकर्ताओं को यह बताती है कि क्या वे किसी ऐसे व्यक्ति के पास हैं, जिसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।'
भविष्य में ई-पास के रूप में हो सकता है आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल