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सोशल डिस्टेंसिंग को लागू करते हुए ही होगी राज्यों में किसानों से खरीदी

Sun, 12 Apr 2020 10:09 PM IST
अनवर अंसारी अमर उजाला, डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला, डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Sun, 12 Apr 2020 10:09 PM IST
सार

  • उत्तर प्रदेश भी मंडियों में कूपन देने, क्रय केन्द्र बढ़ाने का अपना रहा है फार्मूला
  • मध्यप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब सब किसानों से गेहूं खरीदने की प्रक्रिया में जुटे

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Coronavirus and Lockdown in India Implementing social distancing then only be purchased grains from farmers in states
खेतों में काम करते किसान - फोटो : PTI

विस्तार

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया है कि किसानों को अपना अनाज बेचने के लिए बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कोविड-19 के मद्देनजर सरकार ने उनके गांव के पास ही क्रय केन्द्र बनाने का निर्णय लिया है। किसान अपना गेहूं, सरसों बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार एफसीआई, नेफेड समेत कई सहकारी संघों के जरिए किसानों से खाद्यान्न खरीदती है और किसान इसका सीधा लाभ उठा सकते हैं। बताते हैं इसके लिए संबंधित एजेंसियों को भी दिशा-निर्देश दे दिए हैं। सरकार कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग और सुरक्षा उपायों पर ध्यान देते हुए इस प्रक्रिया को पूरा कराएगी। 
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खाद्य एवं रसद विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रमांशु शेखर द्विवेदी ने बताया कि राज्य सरकार ने मंडी में किसानों को कूपन वितरित करने का निर्णय लिया है। 15 अप्रैल से उत्तर प्रदेश की सभी मंडियों में किसानों से खाद्यान्न की खरीद आरंभ हो जाएगी। इस बार कूपन व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने की तैयारी है ताकि मंडी में अपना गेहूं आदि लेकर आने वाले वाले किसानों को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। सोशल डिस्टेंसिंग भी बनी रहे। प्रमांशु शेखर ने बताया कि कोविड-19 के खतरे को देखते हुए मंडी के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वहां किसी भी हालत में सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहनी चाहिए। अपना अनाज लेकर मंडी आने वाले किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए और जो भी किसान मंडी तक अनाज लेकर आए, उसका अनाज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जरूर खरीद लिया जाए।
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हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर खुद किसानों के खाद्यान्न और रबी की फसल की कटाई, मड़ाई को लेकर गंभीर हैं। मुख्यमंत्री लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं और किसानों के हितों को ध्यान में रखकर उन्होंने क्रय केन्द्र को बढ़ाने के लिए कहा है। हरियाणा में भी 15 अप्रैल से यह व्यवस्था तेजी से काम करने लगेगी।
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मध्यप्रदेश में दो-तीन गांव के बीच एक क्रय केन्द्र

मध्यप्रदेश सरकार ने भी राज्य में किसानों की खरीद को लेकर पहले की तुलना में अधिक खरीद केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। दो-तीन गांव के बीच में क्रय केन्द्र की योजना पर अमल किया जा रहा है। भेपाल के डीएम तरुण के पथोड़े ने कहा कि उन्होंने जिले में इसके बाबत सभी आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए हैं। सरकार किसानों की कठिनाई को समझकर उनके लिए आसान व्यवस्था को अमल में ला रही है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब जैसे राज्य किसानों के अनाज की खरीद को लेकर काफी संवेदनशील हैं। राज्य सरकारों ने इसके लिए इस बार कूपन के जरिए या ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन की नीति अपनाई है। पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 3800 मंडियों की स्थापना को मंजूरी दे दी है और पूरी खरीद प्रक्रिया में सोशल डिस्टेंसिंग को ठीक से लागू करने का आदेश दिया है।
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