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कोरोना वैक्सीन: कोवाक्सिन की बूस्टर डोज के लिए दिल्ली एम्स में परीक्षण शुरू

Tue, 25 May 2021 08:38 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Tue, 25 May 2021 08:38 AM IST
सार

  • यह बूस्टर खुराक उन लोगों को दी जा रही है जिन्हें वैक्सीन की दोनों खुराक लिए छह माह का वक्त पूरा हो चुका है, सोमवार को एम्स के परीक्षण केंद्र पर पांच लोगों को बूस्टर खुराक दी गई।

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Corona Vaccine: Trial Starts at Delhi AIIMS for Booster Dose of Covaxin
कोवैक्सीन - फोटो : पीटीआई

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च में जिस कोरोना वैक्सीन की खुराक ली थी उसी पर अब दिल्ली एम्स में एक और परीक्षण शुरू हुआ है जिसमें बूस्टर खुराक दी जा रही है।

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सोमवार को एम्स के परीक्षण केंद्र पर पांच लोगों को बूस्टर खुराक दी गई। बूस्टर खुराक उन लोगों को दी जा रही है जिन्हें वैक्सीन की दोनों खुराक लिए छह माह का वक्त पूरा हो चुका है। चूंकि देश में टीकाकरण कार्यक्रम 16 जनवरी से शुरू हुआ है। इसलिए परीक्षण में उन लोगों को शामिल किया गया जिन्हें पिछले वर्ष कोवाक्सिन के दूसरे और तीसरे चरण में शामिल किया गया था।
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दरअसल आईसीएमआर के साथ मिलकर हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी ने कोवाक्सिन को तैयार किया है जिसे एक कोरोना के जिंदा विषाणुओं को असक्रिय करने के बाद बनाया है। तीन जनवरी को यह वैक्सीन आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति लेने के बाद राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा बनी।
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फरवरी में मांगी थी अनुमति 
फरवरी में भारत बायोटेक ने सरकार से अपील की थी कि उन्हें बूस्टर खुराक के लिए भी परीक्षण करने की अनुमति दी जाए। कंपनी के अनुसार दो खुराक लेने के बाद कुछ फीसदी लोगों में एंटीबॉडी कम होने का खतरा बन सकता है। इसलिए वे बूस्टर खुराक पर काम करना चाहते हैं। पहली दो खुराक लेने के छह माह बाद इसे लेकर एंटीबॉडी की मात्रा काफी बढ़ाई जा सकती है।

दो खुराक लेने के छह माह बाद ही तीसरी खुराक संभव
हालांकि इस आवेदन पर सरकार के ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने 18 मार्च की बैठक में अनुमति दी थी लेकिन इसके लिए शर्त यह रखी है कि बूस्टर खुराक जिन लोगों को मिलेगी उन्हें अगले छह माह तक व्यवस्थित तरह से फॉलोअप लिया जाएगा। ताकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण के लिहाज से इसकी क्षमता और असर के बारे में साबित किया जा सके।


इसी के तहत अब दिल्ली एम्स में परीक्षण शुरू हुआ है। एम्स के अलावा देश के अन्य अस्पतालों में भी यह परीक्षण होने वाला है। कंपनी के अनुसार करीब तीन से चार माह तक चलने वाले इस परीक्षण के परिणाम इसी साल के अंत तक सार्वजनिक किए जा सकते हैं। सब कुछ ठीक रहा तो नवंबर या दिसंबर में ही उन लोगों के लिए बूस्टर खुराक उपलब्ध होगी जिन्होंने इसी साल सबसे पहले कोवाक्सिन लिया था।

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