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कोरोना वैक्सीन: भारत की वैश्विक योजना तैयार, पड़ोसी और गरीब देशों की करेगा मदद

Mon, 31 Aug 2020 09:26 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Mon, 31 Aug 2020 09:26 AM IST
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Corona vaccine here you know that what is India s outreach plan for vaccine
कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI

केंद्र सरकार कोरोना वैक्सीन के लिए कम से कम पांच अलग-अलग तरीके अपनाने वाली है, जिसमें मुफ्त वैक्सीन से लेकर गारंटीड सप्लाई शामिल है। इसके तहत भारत पश्चिमी एशिया में अपने पड़ोसी देशों, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका की मदद कर सकता है। 

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अपना नाम ना बताने की शर्त पर इस योजना से जुड़े अधिकारियों ने इसके बारे में जानकारी दी। इसके पीछे का विचार यह है कि राजनायिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए देश की प्रतिष्ठा दुनिया के लिए वैक्सीन फैक्टरी के तौर पर उभर कर आए। भारतीय कंपनियां दो वैक्सीन पर काम कर रही हैं, जो अभी क्लिनिकल ट्रायल पर हैं। 
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इन वैक्सीन का प्रबंध बड़े स्तर पर होगा, इसलिए इसमें वैक्सीन मैन्यूफैक्चर्र सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया को शामिल किया जा सकता है, जो मौजूदा समय में तीन कंपनियों के साथ मिलकर वैक्सीन बना रहा है, इसमें एस्ट्राजेनेका भी शामिल है। हालांकि एक अधिकारी ने बताया कि इस योजना को अभी आधिकारिक रूप देना बाकी है।
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इसके अलावा वैक्सीन की आपूर्ति के लिए भारत की ओर से तय किए गए किसी भी मंच को लाइसेंसिंग समझौतों का सम्मान करना होगा। ये समझौता यह तय करेगा कि वैक्सीन कहां बेची जा सकती है और कहां नहीं। सरकारी अधिकारी नीति आयोग के डॉक्टर वीके पॉल के नेतृत्व वाले टीकों पर जानकारों के परामर्श से योजना को अंतिम रूप देने पर काम कर रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इस योजना में पड़ोसी देशों को शामिल करने में सावधानी बरती जाएगी, इसके लिए भारतीय लगातार अध्ययन कर रहे हैं और काम कर रहे हैं। ऐसे पांच मॉडल पर विचार किया जा रहा है, जिसमें पहला मॉडल है मुफ्त में वैक्सीन बांटना। इस मॉडल में बांग्लादेश, अफगानिस्तान जैसे देशों को शामिल किया जा सकता है।

अधिकारी ने बताया कि अभी इस योजना में पाकिस्तान को हिस्सा नहीं बनाया जा रहा है, पाकिस्तान शायद चीन की वैक्सीन पर निर्भर रहेगा। दूसरा मॉडल में भारत के अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के तहत गरीब देशों को भारी रियायतों के साथ टीकें बांटना है। इस मॉडल से कई अफ्रीकी देश लाभान्वित हो सकते हैं।
 
15 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत अब घरेलू खपत के लिए कोरोना की वैक्सीन बड़े पैमाने पर उत्पादित करने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री मोदी लालकिले की प्राचीर से कहा था कि भारत में एक नहीं, दो नहीं बल्कि तीन वैक्सीन पर काम चल रहा है।

इसके अलावा तीसरे मॉडल में प्राप्तकर्ता देश शामिल हैं, जो बाजार मूल्य पर वैक्सीन को खरीदेंगे और उन्हें आपूर्ति का पूर्ण आश्वासन दिया जाएगा। ऐसा बताया जा रहा है कि जब और वैक्सीन तैयार की जाएगी तो वो खुले बाजार में नहीं बेची जाएगी। सरकार उसे एक सख्य नियंत्रित चैनल के माध्यम से वितरित करेगी।

चौथे मॉडल के तहत कुछ देशों से भारत के तीसरे चरण के परीक्षणों में भाग लेने के लिए संपर्क किया जाएगा। अंत में पांचवे मॉडल के तहत भारत कुछ देशों को दो घरेलू वैक्सीन के उत्पादन का मौका दे सकता है, ऐसा करने से वैक्सीन के उत्पादन में तेजी आएगी और ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिलेगा।


बता दें कि ये पूरी प्रकिया डॉ वीके पॉल और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की अध्यक्षता में होगी। सात अगस्त को कैबिनेट ने पैनल का गठन किया था, इसका मुख्य कार्य सही टीके की पहचान करना, बड़े पैमाने पर खरीद के लिए वित्त का प्रबंध करना और जनसंख्या समूह की प्राथमिकता तय करना भी है 

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