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गृह मंत्रालय ने जारी कीं गाइडलाइंस, राज्यों की वेबसाइट पर देनी होगी कंटेनमेंट जोन की लिस्ट

Thu, 26 Nov 2020 07:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 26 Nov 2020 07:05 AM IST
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Containment zone list to be given on the state website 
कोरोना वायरस - फोटो : ANI

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को दिसंबर के लिए गाइडलाइन जारी कर स्पष्ट किया कि अपने यहां के हालात के आधार पर राज्यों को रात्रि कर्फ्यू लगाने की छूट है। हालांकि कंटेनमेंट जोन के बाहर लॉकडाउन लगाने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी होगी। नई गाइडलाइन 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक लागू रहेगी, साथ ही पहले से लागू नियम भी अमल में रहेंगे। 

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गृह मंत्रालय ने साफ कहा कि कुछ राज्यों व केंद्र शासित राज्यों में नए मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मंत्रालय ने कहा, त्योहारी मौसम और सर्दियों को देखते हुए महामारी पर पूरी तरह काबू पाने के लिए और सावधानी बरतने और कंटेनमेंट रणनीति का सख्ती से पालन करने की जरूरत है। इसके लिए निगरानी, कंटेनमेंट और गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशाें और स्वास्थ्य मंत्रालय की एसओपी का सख्ती से अनुपालन किया जाना चाहिए। नई गाइडलाइन में पूर्व में समय-समय पर जारी हुईं 19 एसओपी भी शामिल की गई हैं। इनका पालन भी 31 दिसंबर तक करना होगा। इसमें सामाजिक दूरी, मास्क और नियमित रूप से हाथ धोने जैसी आदतों का पालन करते रहने की सलाह दी गई है। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचना होगा। 
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राज्यों की वेबसाइट पर देनी होगी कंटेनमेंट जोन की पूरी लिस्ट
मंत्रालय के निदेर्शों के अनुसार, कंटेनमेंट जोन में सभी सुरक्षा उपायों का पालन कराना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। साथ ही कंटेनमेंट जोन की पूरी सूची जिला कलेक्टर और राज्य की वेबसाइट पर जारी करनी होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए सूक्ष्म स्तर पर जिला अधिकारियों को कंटेनमेंट जोन का सावधानीपूर्वक सीमांकन सुनिश्चित करना होगा। जिलों में कंटेनमेंट नियमों का सख्ती से पालन कराना पुलिस, प्रशासन और नगरपालिका अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी। राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करनी होगी। इन्हें सभी नियमों का सख्ती से अनुपालन करना होगा और भीड़ को नहीं जुटने देना भी इनकी जिम्मेदारी होगी। 
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नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगा सकते हैं राज्य
दिशानिर्देश में कहा गया है कि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए राज्य अपने-अपने स्तर पर दंड का प्रावधान भी कर सकते हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना, कैद जैसी सजा पर निर्णय लेनी की पूरी छूट राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को दी गई है। इसमें गलत दावे करना, झूठी जानकारी प्रसारित करना और निर्देशों को मानने से इनकार करना शामिल है। इसके अलावा अगर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने में हीलाहवाली करते हैं या कोई कंपनी प्रोटोकॉल का पालन नहीं करती पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई का अधिकार राज्यों को होगा। 

इन गतिविधियों की छूट मगर मानने होगें कुछ नियम 
गाइडलाइन के मुताबिक कंटेनमेेंट जोन के बाहर सभी गतिविधियों की छूट होगी हालांकि इसके लिए कुछ नियमों को मानना जरूरी होगा। जैसे सिनेमा घरों व थियेटरों में 50 फीसदी लोग ही बैठ सकेंगे। स्वीमिंग पूल सिर्फ खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के लिए ही खोले जाएंगे। सभागारों में सिर्फ कारोबारी बैठकें ही होंगी जिसमें सामाजिक दूरी और मास्क की अनिवार्यता होगी।

कार्यक्रमों में 200 लोगों की छूट पर  राज्यों को संख्या घटाने का अधिकार 
दिशानिर्देश के अनुसार सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों व खेलकूद और मनोरंजन के आयोजनों में 200 लोगों  के शामिल होने की छूट होगी। हालांकि राज्यों को यह संख्या घटाने का पूरा अधिकार होगा। अपने यहां कोरोना मामलों की स्थिति के आधार पर राज्य इसे कम कर सकते हैं। 

एक से दूसरे राज्य में आवाजाही पर रोक नहीं
गृह मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक एक राज्य से दूसरे राज्य में आवाजाही पर कोई रोक नहीं होगी। इसके लिए किसी तरह का ई-परमिट या विशेष अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। 

संक्रमितों के संपर्क में आए 80 फीसदी लोगों का 72 घंटे में पता लगाना होगा
दिशानिर्देशों के मुताबिक संक्रमण की पुष्टि होते ही मरीज के संपर्क में आए सभी लोगों का ब्योरा तैयार करना होगा। साथ ही 72 घंटों के भीतर इनमें से 80 फीसदी लोगों का पता लगाकर उनका हाल जानना होगा। यही नहीं इन लोगाें की पहचान, क्वारंटीन की स्थितियों पर 14 दिन तक निगरानी रखनी होगी। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कोरोना मरीजों को तुरंत घर पर या अस्पताल में क्वारंटीन कराया गया है। घर-घर जाकर टीमें सघन निगरानी करेंगी और कोरोना मरीजों की पूरी जानकारी एकत्रित की जाएगी।


फ्लू जैसी बीमारियों के मरीजों पर भी रखनी होगी निगरानी 
स्वास्थ्य अधिकारियों को कोरोना के साथ साथ फ्लू जैसी बीमारियों के रोगियों पर भी निगरानी रखनी होगी। इसके लिए मोबाइल इकाइयों के जरिये घर घर जाकर या क्लीनिकों से बुखार से ग्रस्त मरीजों का ब्योरा एकत्रित करना होगा। साथ ही समुदायों में कोरोना रोकथाम के लिए आवश्यक व्यवहार के प्रति जागरूकता फैलानी होगी। 65 से अधिक उम्र के बुजुर्गों, पहले से कई बीमारियों से ग्रस्त रोगियों और 10 साल तक के बच्चों को विशेष सावधानी रखनी होगी और बहुत आवश्यक होने पर ही घर से निकलना होगा। 

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