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91 सीटों पर कुछ ही घंटे में कांग्रेस ने ऐसे उड़ाया 'राफेल'
Wed, 10 Apr 2019 10:32 PM IST
अमर शर्मा
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 10 Apr 2019 10:32 PM IST
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राफेल पर कांग्रेस
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बालाकोट एयर स्ट्राइक से पहले कांग्रेस पार्टी ने 'राफेल' का मुद्दा जमकर भुनाया। राफेल को लेकर ही राहुल गांधी ने 'चौकीदार चोर है' का नारा दिया। एयर स्ट्राइक से पहले तक कांग्रेस पार्टी यह कहती रही कि चुनाव प्रचार में सबसे बड़ा मुद्दा राफेल ही रहेगा। हालांकि बाद में जब एयर स्ट्राइक हुई तो मोदी ने अपने नाम के आगे चौकीदार लिखकर इस नारे का मतलब ही बदल दिया। नतीजा, अपने घोषणा पत्र में कांग्रेस पार्टी को दूसरे मुद्दे आगे लाने पड़े। बुधवार को राफेल पर जब सुप्रीम का फैसला आया तो कांग्रेस एक बार फिर से सक्रिय हो गई। एक दिन बाद 91 सीटों पर वोट पड़ने हैं। कांग्रेस के पास इसे भुनाने के लिए 24 घंटे से भी कम समय बचा था। पार्टी ने तुरंत 91 लोकसभा क्षेत्रों में अपने जिला अध्यक्षों एवं दूसरे पदाधिकारियों की मदद से सोशल मीडिया के जरिए 'राफेल' उड़वा दिया।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही कांग्रेस पार्टी ने सबसे पहले यह योजना बनाई कि 11 अप्रैल को 91 लोकसभा सीटों पर होने वाले मतदान से पहले लोगों तक राफेल की सच्चाई कैसे पहुंचाई जाए। खासतौर से, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, आंधप्रदेश, उत्तरप्रदेश, अंडमान और निकोबार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, नागालैंड, मिजोरम, मेघालय और सिक्किम आदि राज्यों में वोटरों को यह समझाना कि कांग्रेस पार्टी ने राफेल को लेकर जो बातें कहीं थी, वे सही हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि इस मामले की जांच हो सकती है। यहां पर भी कांग्रेस पार्टी के लिए एक समस्या थी कि लोगों को राफेल पर क्या संदेश दिया जाए। कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने बताया, इसके लिए दो पंक्तियां तैयार की गई। इसमें लिखा गया कि राफेल को लेकर कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री पर जो आरोप लगाए थे, उनमें सच्चाई है। चौकीदार ही चोर है। अंत में लिखा गया, अब न्याय होगा।
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इसके बाद सभी लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के पदाधिकारियों को वह मैसेज भेज दिया गया। वे पदाधिकारी दूसरे कार्यकर्ताओं को साथ लेकर गली-गली घूम गए। कांग्रेस पार्टी से जो भी लोग जुड़े थे, उनके मोबाइल पर मैसेज भी पहुंचाया गया। कांग्रेस पार्टी के नेता रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि राफेल पर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष लगातार आवाज उठाते रहे हैं। पहले भी कहा गया है कि मोदी सरकार ने इस मामले में संसद और सुप्रीम कोर्ट को भी गुमराह कर दिया था।
अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह साबित हो गया है कि कांग्रेस पार्टी ने जो आरोप लगाए थे, उनमें सच्चाई है। लोकसभा चुनाव में हर सीट पर राफेल की सच्चाई बताई जाएगी। कांग्रेस पार्टी ने अपने चुनावी प्रचार के लिए जो रणनीति तैयार की है, उसमें राफेल का मुद्दा अहम रहेगा।
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सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही कांग्रेस पार्टी ने सबसे पहले यह योजना बनाई कि 11 अप्रैल को 91 लोकसभा सीटों पर होने वाले मतदान से पहले लोगों तक राफेल की सच्चाई कैसे पहुंचाई जाए। खासतौर से, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, आंधप्रदेश, उत्तरप्रदेश, अंडमान और निकोबार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, नागालैंड, मिजोरम, मेघालय और सिक्किम आदि राज्यों में वोटरों को यह समझाना कि कांग्रेस पार्टी ने राफेल को लेकर जो बातें कहीं थी, वे सही हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि इस मामले की जांच हो सकती है। यहां पर भी कांग्रेस पार्टी के लिए एक समस्या थी कि लोगों को राफेल पर क्या संदेश दिया जाए। कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने बताया, इसके लिए दो पंक्तियां तैयार की गई। इसमें लिखा गया कि राफेल को लेकर कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री पर जो आरोप लगाए थे, उनमें सच्चाई है। चौकीदार ही चोर है। अंत में लिखा गया, अब न्याय होगा।
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इसके बाद सभी लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के पदाधिकारियों को वह मैसेज भेज दिया गया। वे पदाधिकारी दूसरे कार्यकर्ताओं को साथ लेकर गली-गली घूम गए। कांग्रेस पार्टी से जो भी लोग जुड़े थे, उनके मोबाइल पर मैसेज भी पहुंचाया गया। कांग्रेस पार्टी के नेता रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि राफेल पर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष लगातार आवाज उठाते रहे हैं। पहले भी कहा गया है कि मोदी सरकार ने इस मामले में संसद और सुप्रीम कोर्ट को भी गुमराह कर दिया था।
अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह साबित हो गया है कि कांग्रेस पार्टी ने जो आरोप लगाए थे, उनमें सच्चाई है। लोकसभा चुनाव में हर सीट पर राफेल की सच्चाई बताई जाएगी। कांग्रेस पार्टी ने अपने चुनावी प्रचार के लिए जो रणनीति तैयार की है, उसमें राफेल का मुद्दा अहम रहेगा।