Congress: सत्यपाल मलिक के बहाने कांग्रेस ने साधा राम माधव पर निशाना, RSS नेता बोले- मानहानि का मुकदमा करूंगा
राम माधव ने कहा, ये पूरी तरह से झूठे आरोप हैं। सीबीआई पहले ही इस मामले की गहन जांच कर चुकी है। मैं बहुत जल्द इन झूठे आरोपों को बेचने वालों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करूंगा।
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अक्तूबर 2021 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता राम माधव पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया था। कांग्रेस अब मलिक के बहाने माधव को घेरने में जुट गई है। पार्टी ने सवाल किया है कि सीबीआई या ईडी उनका दरवाजा क्यों नहीं खटखटा रही है। वहीं, आरएसएस नेता ने इन आरोप को झूठा करार दिया है और मानहानि का मामला दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेरा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मलिक ने दावा किया था कि आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी ने उन्हें अंबानी से जुड़ी दो फाइलों की मंजूरी देने के लिए तीन सौ करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की थी। उन्होंने दावा किया कि सोमवार को एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में मलिक ने आरएसएस पदाधिकारी का नाम माधव बताया।
आरोप पूरी तरह से झूठे, सीबीआई कर चुकी गहन जांच: माधव
इस बारे में पूछे जाने पर माधव ने पीटीआई-भाषा से कहा, ये पूरी तरह से झूठे आरोप हैं। सीबीआई पहले ही इस मामले की गहन जांच कर चुकी है। मैं बहुत जल्द इन झूठे आरोपों को बेचने वालों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करूंगा। मलिक अगस्त 2018 से अक्टूबर 2019 के बीच जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे और अक्टूबर 2021 में वह मेघालय के राज्यपाल थे।
कांग्रेस ने एजेंसियों से पूछा- ये दोहरा मानदंड क्यों?
खेरा ने सवाल किया कि सीबीआई या ईडी राम माधव का दरवाजा क्यों नहीं खटखटा रही है, जबकि एक पूर्व राज्यपाल ने उनका पर्दाफाश कर दिया है। कांग्रेस नेता कहा, सीबीआई ने अपने मुख्यालय में पूर्व राज्यपाल से खुले तौर पर पूछताछ की थी, लेकिन राम माधव को अभी तक पूछताछ के लिए क्यों नहीं बुलाया गया है। ईडी-सीबीआई बार-बार विपक्षी नेताओं के यहां छापे मारती है या पूछताछ करती है, लेकिन भाजपा नेताओं से क्यों नहीं? ये दोहरे मानदंड क्यों?
अगर मलिक के दावे गलत तो उनके खिलाफ हो कार्रवाई: कांग्रेस
उन्होंने कहा कि अगर मलिक सच बोल रहे हैं तो सीबीआई, ईडी या अन्य एजेंसियों ने माधव के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की, अगर मलिक के दावे गलत हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। खेरा ने यह भी दावा किया कि मलिक ने पूर्व राज्यपाल के रूप में जेड प्लस सुरक्षा मांगी है, लेकिन उन्हें केवल पीएसओ प्रदान किया गया है और वह अपने घर में रह रहे हैं, जबकि कांग्रेस के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद को सरकारी बंगला और जेड प्लस सुरक्षा दी गई है।
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