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Ram Madhav: भाजपा नेता राम माधव ने बंटवारे को किया याद, बोले- विभाजन ने महात्मा गांधी को तोड़ कर रख दिया था
Sun, 25 Sep 2022 12:27 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, चेन्नई
पीटीआई, चेन्नई
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 25 Sep 2022 12:27 AM IST
सार
राम माधव ने कहा कि राष्ट्रपिता के बिल्कुल विपरीत मोहम्मद अली जिन्ना ने एक कट्टर राष्ट्रवादी के रूप में अभियान शुरू किया और अलगाववादी के रूप में अभियान खत्म किया, जिससे गांधी बेहद दुखी हुए।
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राम माधव
- फोटो : ANI
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विस्तार
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और लेखक राम माधव ने शनिवार को बंटवारे को याद करते हुए कहा कि भारत का विभाजन तर्कहीन था और यह फैसला जल्दबाजी में लिया गया था। आगे उन्होंने कहा कि बंटवारे ने महात्मा गांधी को तोड़कर रख दिया था जो राष्ट्र को सांप्रदायिक आधार पर विभाजित करने के खिलाफ थे। भारत के विभाजन के परिणास्वरूप पाकिस्तान अस्तित्व में आया था।
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राम माधव अपनी नई पुस्तक 'पार्टिशनेड फ्रीडम' के मौके पर अपनी बात रख रहे थे। उनकी इस पुस्तक का विमोचन सत्य ज्योति फिल्म्स के टी जी त्यागराजन ने किया। इस दौरान माधव ने कहा कि जिन्ना का सांप्रदायिक रंग और महात्मा गांधी सहित तत्कालीन नेताओं द्वारा समझौता की श्रृंखला देश के लिए एक महंगा सबक रहा है।
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राम माधव ने कहा कि राष्ट्रपिता के बिल्कुल विपरीत मोहम्मद अली जिन्ना ने एक कट्टर राष्ट्रवादी के रूप में अभियान शुरू किया और अलगाववादी के रूप में अभियान खत्म किया, जिससे गांधी बेहद दुखी हुए। उन्होंने कहा कि गांधी हमेशा हिंदू-मुस्लिम के बीच मजबूत एकता के बड़े हिमायती थे।
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‘तमिलनाडु यंग थिंकर्स फोरम’ और ‘जम्मू कश्मीर स्टडी सेंटर’ के तत्वावधान में आयोजित पुस्तक विमोचन-व्याख्यान चर्चा में माधव ने कहा, ‘‘किताब दो सबक सिखाती है: कभी भी विभाजनकारी और अलगाववादी व्यक्ति के साथ समझौता न करें, और देश की एकता सबसे बड़े बलिदान की मांग करती है।
उन्होंने कहा कि पुस्तक में तत्कालीन ब्रिटिश शासकों द्वारा 1905 में विभाजन के प्रयास और 1947 में भारत के विभाजन की घटनाओं को लेकर दिलों के विभाजन को दर्शाया गया है। साथ ही इस किताब में दो नेताओं महात्मा गांधी और जिन्ना के बारे में बताया गया है।