फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Congress spokesperson Gourav Vallabh said on Harris statement on democracy, Of any lesson is being taught to our PM on foreign soil, then he should take them positively

प्रधानमंत्री का अमेरिका दौरा: कांग्रेस ने साधा निशाना, जानें क्यों किया 'कमला हैरिस' और 'सुप्रीम कोर्ट' का जिक्र

Sat, 25 Sep 2021 07:25 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 25 Sep 2021 07:25 PM IST
सार

भारत के प्रधानमंत्री के अमेरिकी दौरे को लेकर अमेरिका की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस के लोकतंत्र के ऊपर दिए बयान पर प्रो. वल्लभ ने कहा कि लोकतंत्र का स्तंभ हिंदुस्तान और महात्मा गांधी की जन्मभूमि व कर्मभूमि हिंदुस्तान, इस बात को लेकर विदेशी धरती पर हमारे प्रधानमंत्री को अगर कोई पाठ पढ़ाया जा रहा है, तो उसे उन्हें सकारात्मकता से लेना चाहिए...

विज्ञापन
Congress spokesperson Gourav Vallabh said on Harris statement on democracy, Of any lesson is being taught to our PM on foreign soil, then he should take them positively
कमला हैरिस के साथ पीएम मोदी। - फोटो : Twitter: @narendramodi

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। हिंदुस्तान का लोकतंत्र खतरे में है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति 'कमला हैरिस और सुप्रीम कोर्ट' का जिक्र एक साथ हो रहा है। कांग्रेस पार्टी के नेता प्रो. गौरव वल्लभ ने शनिवार को एक प्रेसवार्ता में ये सारी बातें कह दी हैं। हालांकि उन्होंने सिलसिलेवार तरीके से अपनी बात कही है। गौरव वल्लभ के मुताबिक, कमला हैरिस ने कहा कि दुनियाभर में लोकंतत्र खतरे में है और यदि स्थिति को सुधारना है, तो भारत को साथ आना होगा। उसका कारण है, ये वक्तव्य क्यों आया, वह आप लोगों को समझना होगा। ये बात भी सोचनी पड़ेगी, जब 'सुप्रीम कोर्ट' के सिटिंग जज बाहर आकर बोलें कि लोकतंत्र खतरे में है।

विज्ञापन


भारत के प्रधानमंत्री के अमेरिकी दौरे को लेकर अमेरिका की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस द्वारा दिए गए बयान को लेकर पूछे एक सवाल के जवाब में प्रो. वल्लभ ने कहा कि देखिए, हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री जब भी विदेशी दौरे पर जाते हैं, तो वो हिंदुस्तान के हर व्यक्ति को रिप्रजेंट करते हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है। पहले भी प्रधानमंत्री जाते थे, अब भी प्रधानमंत्री गए हैं, वो क्या करके आए हैं, वह तो आने के बाद ही बताएंगे। लोकतंत्र का स्तंभ हिंदुस्तान और महात्मा गांधी की जन्मभूमि व कर्मभूमि हिंदुस्तान, इस बात को लेकर विदेशी धरती पर हमारे प्रधानमंत्री को अगर कोई पाठ पढ़ाया जा रहा है, तो उसे उन्हें सकारात्मकता से लेना चाहिए। कमला हैरिस ने क्या कहा, आप इसे समझिए। कमला हैरिस ने कहा कि दुनियाभर में लोकंतत्र खतरे में है। अगर अमेरिका की उपराष्ट्रपति यह बात कह रही हैं तो उसका कुछ मतलब है। यदि स्थिति को सुधारना है, तो भारत को साथ आना होगा।

विज्ञापन

फ्रीडम हाउस, एक स्वतंत्र एजेंसी है। वह डेमोक्रेसी की रेटिंग तय करती है। फ्रीडम हाउस ने भारत के लोकतंत्र की रैंकिंग को नीचे गिराया है। भारत को 'आंशिक रूप से स्वतंत्र लोकतंत्र' की श्रेणी में डाला है। फ्रीडम हाउस के अनुसार हिंदुस्तान की डेमोक्रेसी पूर्णतया स्वतंत्र नहीं है, आंशिक रुप से स्वतंत्र है। दूसरी रेटिंग एजेंसी, स्वीडन की वी-डैम है। वह कहती है कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था चुने हुए निरंकुश शासन में तब्दील हो गई है। ये हम नहीं कह रहे, ये स्वतंत्र एजेंसियां बोल रही हैं, जो लोकतंत्र को आंकती करती हैं। सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज बाहर आकर बोलें कि लोकतंत्र खतरे में है। दुनिया का हर देश जब डेमोक्रेसी को सीखता है, या सीखना चाहता है तो वह भारत की ओर देखता है, तब जब अमेरिका, भारत के लिए ऐसे शब्दों का उपयोग करता है तो हर हिंदुस्तानी का सिर शर्म से झुकता है।

पहले प्रधानमंत्री विदेश जाते थे, तो भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को स्वावलंबी बनाने के लिए न्यूक्लियर डील साइन करके आते थे। पहले प्रधानमंत्री जी जाते थे, तो भारत के लोगों को एच-1वी वीजा में किस तरह सुविधाएं मिलें, इसकी बात करके आते थे। कांग्रेस नेता वल्लभ ने कहा, मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ अच्छे काम किए होंगे, क्योंकि मुझे कोई जानकारी नहीं है। इस तरह की टिप्पणियां हमें ही हमारे पूर्वजों द्वारा कही गई बातों को याद दिलाती हैं। दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति, ये मानती है कि जिस तरह से पिछले सात साल में संस्थाओं को चोट पहुंचाई गई है, पिछले सात साल में एक-एक करके संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया गया है, उससे लोकतंत्र सुदृढ़ नहीं हो सकता। आज हमें महात्मा गांधी की सीख अगर कोई दूसरा सिखा रहा है तो इसको आपको सकारात्मकता से देखना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed