हिमाचल चुनाव: मैदान छोड़ती दिख रही कांग्रेस, 6 नंवबर को राहुल करेंगे पहली चुनावी रैली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के चुनावी जंग में कांग्रेस पार्टी मतदान से पहले ही मैदान छोड़ती नजर आ रही है। एकओर सूबे के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपनी चुनावी सभाओं में रुपए की कमी का हवाला देते हुए पार्टी के आर्थिक तंगी का रोना रो रहे हैं। चुनाव प्रचार के खत्म होने में अब महज तीन दिन शेष रह गए हैं।
लेकिन सोनिया और राहुल गांधी में से एक भी नेता चुनाव का बिगुल बजने के बाद सूबे में अब तक कोई चुनावी रैली करने नहीं आया है। राहुल गांधी 6 नवंबर को कांगड़ा में आयोजित एकमात्र रैली को संबोधित करेंगे।
तो चुनावी रैलियों में वीरभद्र अपने काम को गिनाने के बजाय जनता के सामने पीएम मोदी के प्रभाव और अपनी तंगी का ही रोना रो रहे हैं। सिंह का आरोप है कि भाजपा के इशारे पर सीबीआई ने उनके बैंक खाते तक जब्त कर दिए हैं।
जिसकी वजह से उनको अपने चुनाव खर्च तक के लिए धन की किल्लत हो रही है। वैसे बतौर सोलो प्रचारक 84 वर्षिय वीरभद्र सिंह ही देवभूमि में कांग्रेस की लड़ाई लड़ रहे हैं।
जबकि दूसरी ओर सूबे की सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा की ओर से पीएम मोदी ने चुनाव के ऐलान के बाद 7 चुनावी सभाएं की हैं। इसके अलावा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी कई चुनावी सभाओं को संबोधित कर चुके हैं।
राज्य भाजपा के तीनों कद्दावर नेता प्रेम कुमार धूमल, शांता कुमार और जेपी नड्डा प्रचार में दिन रात एक किए हुए हैं। तो प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सती और सांसद अनुराग ठाकुर भी भारी संख्या में चुनावी रैलियों को संबोधित कर बड़े नेताओं का साथ बखूबी निभा रहे हैं।
राहुल से ज्यादा सिद्धू की मांग
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी या दल के अन्य बड़े नेताओं के हिमाचल से दूरी बरतने के मामले पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में निराशा तो नहीं है। लेकिन यहां के युवा कांग्रेसियों में पूर्व क्रिकेटर एवं पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की गजब मांग हैं।
राहुल और बड़े नेताओं की चुनाव मैदान से दूरी बरतने के सवाल पर ज्वालाजी से कांग्रेस उम्मीदवार संजय रत्न के पक्ष में प्रचार कर रहे युवा कांग्रेस के नेता आदित्य ठाकुर का कहना है कि ठीक है राहुल या कोई और आये या न आये मगर सिद्धू जी को जरूर भेजना चाहिए।
सिद्धू युवाओं की पसंद हैं। यही बात नगरोटा सीट से चुनाव लड़ रहे सरकार के मंत्री जी एस बाली के प्रचार से जुड़े एक कार्यकर्ता ने भी नाम न छापने की शर्त पर कही।
प्रचार में भी कांग्रेस पिछड़ी
जमीन पर भी कांग्रेस का प्रचार बहुत कम नजर आ रहा है। ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा और विलासपुर के अहम इलाकों का दौरा करने में यही दिखा की जहां कांग्रेस के उम्मीदवार अपने आप में मजबूत हैं।
उन्हीं का चुनाव प्रचार उठा नजर आया। नादौन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू का प्रचार जमीन पर नजर आया तो ज्वालाजी के संजय रत्न भी काम के भरोसे मजबूत नजर आए। मगर बाकी सीटों पर प्रचार में तेज़ी नहीं दिखी।