फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Congress leader V Narayanasamy raise voice against imposing Hindi on JIPMER

JIPMER: कांग्रेस नेता वी नारायणसामी ने जिपमर में ‘हिंदी थोपे जाने’ के खिलाफ उठाई आवाज, कई विपक्षी दलों ने किया प्रदर्शन

Thu, 12 May 2022 12:00 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, पुडुचेरी।
पीटीआई, पुडुचेरी। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 12 May 2022 12:00 AM IST
सार

जिपमर प्रबंधन की ओर से जारी परिपत्र के माध्यम से ‘हिंदी थोपे जाने’ के विरोध में विपक्षी कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद वी नारायणसामी ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एन रंगासामी चुप्पी साधे हुए हैं जबकि इस मुद्दे को लेकर आंदोलन अब तेज हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन दोनों ही इस अस्पताल पर हिंदी ‘थोपे जाने’ का विरोध नहीं कर रहे हैं और प्रदेश को तबाह कर रहे हैं।

विज्ञापन
Congress leader V Narayanasamy raise voice against imposing Hindi on JIPMER
JIPMER - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के जिपमर (जवाहर लाल नेहरू स्नातोकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान) में सभी कार्यों के लिए हिंदी भाषा लागू करने को लेकर बवाल मचा हुआ है। विपक्षी पार्टियां इसे वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता वी नारायणसामी ने बुधवार को केंद्र की राजग सरकार पर जिपमर में सभी प्रकार के संवाद में "हिंदी थोपने" का आरोप लगाया।

विज्ञापन


संस्थान के प्रबंधन की ओर से जारी परिपत्र के माध्यम से ‘हिंदी थोपे जाने’ के विरोध में विपक्षी कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद नारायणसामी ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एन रंगासामी चुप्पी साधे हुए हैं जबकि इस मुद्दे को लेकर आंदोलन अब तेज हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन दोनों ही इस अस्पताल पर हिंदी ‘थोपे जाने’ का विरोध नहीं कर रहे हैं और प्रदेश को तबाह कर रहे हैं।’’
विज्ञापन


नारायणसामी ने संस्थान के आदेश के प्रति दिखाई जिसमें स्पष्ट निर्देश है कि रजिस्टर, कर्मियों की सेवा पुस्तिका, पेंशन बुक हिंदी में होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस आंदोलन जारी रखने से पीछे नहीं हटेगी और केंद्र को इस परिपत्र को रद्द करना चाहिए एवं सुनिश्चित करना चाहिए कि तमिल ही इस अस्पताल में एकमात्र भाषा हो।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए क्यांकि उन्होंने यह गलत जानकारी दी थी कि हिंदी थोपने जैसा कुछ नहीं है। नारायणसामी ने कहा कि कई राजनीतिक दल पहले ही हिंदी थोपने की निंदा कर चुके हैं, इसलिए मुख्यमंत्री को चुप्पी तोड़कर कड़ी आपत्ति व्यक्त करनी चाहिए।

माकपा की पुडुचेरी इकाई के सचिव आर राजंगम ने एक विज्ञप्ति में कहा कि उपराज्यपाल विभिन्न मुद्दों पर मुख्यमंत्री की भूमिका का हनन कर रही हैं, जो लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है।

पट्टालि मक्कल काच्चि (पीएमके) की पुडुचेरी इकाई के कई विंग्स के कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधियों ने "हिंदी थोपने" के विरोध में जिपमर में प्रदर्शन किया। जिपमर परिसर और उसके आसपास बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। नियमित प्रशासनिक कार्यों और अस्पताल सेवाओं में हिंदी थोपने के खिलाफ आंदोलनकारियों ने नारे लगाए। बाद में आंदोलनकारी तितर-बितर हो गए।

इस बीच, विभिन्न तमिल संगठनों के लगभग 40 कार्यकर्ताओं को अस्पताल के पास हिरासत में लिया गया, जब उन्होंने संस्थान द्वारा हिंदी को अपनाने के लिए कथित तौर पर जारी किए गए आदेशों की प्रतियां जलाईं। आंदोलनकारियों ने केंद्र सरकार व संस्थान प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।


पार्टी की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि विदुथालाई चिरुथैगल कच्ची की पुडुचेरी इकाई ने घोषणा की है कि पार्टी के कैडर्स और कार्यकर्ता गुरुवार को इसी मुद्दे पर जिपमर की घेराबंदी करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed