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सलमान खुर्शीद: कांग्रेस नेता बोले- भाजपा के हाथ से फिसल रहा जनमत, इसीलिए उठा रही हिजाब और समान नागरिक संहिता का मुद्दा
Sun, 13 Feb 2022 03:58 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 13 Feb 2022 03:58 PM IST
सार
खुर्शीद ने यूपी चुनाव में कांग्रेस के सीएम चेहरे की घोषणा न करने पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह पार्टी के लिए कोई चिंता की बात नहीं है, क्योंकि हमारे पास प्रियंका गांधी वाड्रा का चेहरा है, जो सामने से कांग्रेस का नेतृत्व कर रही हैं।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा पर जबरदस्त हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि भाजपा चुनाव से पहले ध्रुवीकरण करने की कोशिश में है। इसी सिलसिले में वह हिजाब विवाद और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा अपने हाथ से फिसलते जनमत को देखकर परेशान है। लोगों को भी उनकी कोशिशों साफ-साफ दिखने लगी हैं।
आमतौर पर अपने विवादास्पद बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले खुर्शीद ने कहा कि कुछ वर्ग यूपी चुनाव को भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच का मुकाबला दिखाने की कोशिश कर रहें हैं। हालांकि, यह बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई बात है और यह कांग्रेस के उभरने की कहानी का अंत नहीं है, बल्कि यह तो पार्टी के उभार की शुरुआत है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में खुर्शीद ने यूपी चुनाव में कांग्रेस के सीएम चेहरे की घोषणा न करने पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह पार्टी के लिए कोई चिंता की बात नहीं है, क्योंकि हमारे पास प्रियंका गांधी वाड्रा का चेहरा है, जो सामने से कांग्रेस का नेतृत्व कर रही हैं।
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'हिजाब विवाद उठाना भाजपा का कुटिल कदम'
कर्नाटक में उठे हिजाब विवाद को लेकर सलमान खुर्शीद ने कहा कि यह भाजपा की कुटिल चाल है। लेकिन यह उनके यहां विचारों का दिवालियापन दिखाता है। यह पिछले सात साल में उनके लगातार कम होते आत्मविश्वास को दिखाता है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, "मुझे अब यह संकेत मिलने लगे हैं कि लोग भाजपा की चालों को साफ देखने लगे हैं। मुझे उम्मीद है कि इन चीजों का चुनाव में असर पड़ेगा।"
यह पूछे जाने पर कि क्या वह चुनावों से पहले हिजाब मुद्दे को ध्रुवीकरण की रणनीति के रूप में देखते हैं, उन्होंने कहा- आखिर इस मुद्दे को अब ही क्यों उठाया गया। खुर्शीद ने कहा, ‘‘हिजाब कुछ ऐसा नहीं है जो कल शुरू हुआ, हिजाब लंबे समय से चल रहा है। यह एक तथ्य है कि हिजाब लंबे समय से है और लड़कियां उचित तरीके से हिजाब का उपयोग कर रही हैं। वे आज इसे क्यों उठा रहे हैं? यह बहुत स्पष्ट है कि वे इसका उपयोग बहुत ही कुटिल कारणों से कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि अदालतों ने इस मामले पर एक स्पष्ट दृष्टिकोण रखा है। उन्होंने कहा, ‘‘ज्यादातर समझदार लोग समझेंगे कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मुद्दा है और यह टोपी पहनने वाले व्यक्ति, पगड़ी पहनने वाले व्यक्ति से अलग नहीं है, या सिख पगड़ी पहनते हैं क्योंकि ये सभी ऐसे मुद्दे हैं जो या तो धार्मिक प्रथा या धार्मिक विश्वासों से संबंधित हैं, और सभी संविधान के तहत अधिकारों द्वारा संरक्षित हैं।’’
उत्तराखंड सीएम को यह भी नहीं पता की यूसीसी है क्या?
खुर्शीद ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस बयान के लिये उनपर निशाना साधा जिसमें उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में फिर से चुने जाने पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति बनाएगी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि यूसीसी क्या है और यह क्या है, इसके बारे में कभी नहीं बताया है। उन्होंने कहा, ‘‘देश में बौद्ध धर्म और जैन धर्म सहित विभिन्न धर्म हैं, जिनके अलग-अलग कानून और नियम हैं, और किसी के लिए यह कहना कि हमारे पास एक यूसीसी होगा, उन्हें पहले यह स्पष्ट करना होगा कि उनका इससे क्या मतलब है।’’
'अप्रासंगिक मुद्दों को उठा रही है भाजपा'
उन्होंने दावा किया कि इस तरह के सभी मुद्दों को उठाना भाजपा में आत्मविश्वास की कमी और उसकी मतदाताओं पर पकड़ कम होने की शुरुआत होने की ओर इशारा करता है। खुर्शीद ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इसीलिए वे पूरी तरह से अप्रासंगिक चीजों को उठा रहे हैं।’’ कुछ राजनीतिक पंडितों द्वारा उत्तर प्रदेश में भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच द्विध्रुवीय मुकाबले की ओर इशारा करने के बारे में पूछे जाने पर खर्शीद ने कहा कि चुनाव को द्विध्रुवी कहना ‘थोड़ा अतिशयोक्ति’ है क्योंकि बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि उम्मीदवार कौन हैं, प्रत्येक सीट में किस प्रकार के समुदाय हैं।
उन्होंने विश्वास जताया किया कि 10 मार्च को जब परिणाम सामने आएंगे तब कांग्रेस अपनी जोरदार मौजूदगी दर्ज कराएगी। खुर्शीद ने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों में हमारा रिकॉर्ड बहुत निराशाजनक रहा है और हमने प्रियंका गांधी जी के नेतृत्व में वापसी करने और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बहुत संघर्ष किया है।’’ उन्होंने कहा कि पार्टी लंबे समय के बाद उत्तर प्रदेश में सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी इन सीटों पर 40 प्रतिशत महिलाओं के साथ लड़ रही है और उत्तर प्रदेश की राजनीति पर यह स्थायी छाप छोड़ेगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह कांग्रेस पार्टी के पुनरुत्थान की कहानी का अंत नहीं होगा, यह उस कहानी की शुरुआत होगी।’’
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आमतौर पर अपने विवादास्पद बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले खुर्शीद ने कहा कि कुछ वर्ग यूपी चुनाव को भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच का मुकाबला दिखाने की कोशिश कर रहें हैं। हालांकि, यह बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई बात है और यह कांग्रेस के उभरने की कहानी का अंत नहीं है, बल्कि यह तो पार्टी के उभार की शुरुआत है।
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न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में खुर्शीद ने यूपी चुनाव में कांग्रेस के सीएम चेहरे की घोषणा न करने पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह पार्टी के लिए कोई चिंता की बात नहीं है, क्योंकि हमारे पास प्रियंका गांधी वाड्रा का चेहरा है, जो सामने से कांग्रेस का नेतृत्व कर रही हैं।
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'हिजाब विवाद उठाना भाजपा का कुटिल कदम'
कर्नाटक में उठे हिजाब विवाद को लेकर सलमान खुर्शीद ने कहा कि यह भाजपा की कुटिल चाल है। लेकिन यह उनके यहां विचारों का दिवालियापन दिखाता है। यह पिछले सात साल में उनके लगातार कम होते आत्मविश्वास को दिखाता है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, "मुझे अब यह संकेत मिलने लगे हैं कि लोग भाजपा की चालों को साफ देखने लगे हैं। मुझे उम्मीद है कि इन चीजों का चुनाव में असर पड़ेगा।"
यह पूछे जाने पर कि क्या वह चुनावों से पहले हिजाब मुद्दे को ध्रुवीकरण की रणनीति के रूप में देखते हैं, उन्होंने कहा- आखिर इस मुद्दे को अब ही क्यों उठाया गया। खुर्शीद ने कहा, ‘‘हिजाब कुछ ऐसा नहीं है जो कल शुरू हुआ, हिजाब लंबे समय से चल रहा है। यह एक तथ्य है कि हिजाब लंबे समय से है और लड़कियां उचित तरीके से हिजाब का उपयोग कर रही हैं। वे आज इसे क्यों उठा रहे हैं? यह बहुत स्पष्ट है कि वे इसका उपयोग बहुत ही कुटिल कारणों से कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि अदालतों ने इस मामले पर एक स्पष्ट दृष्टिकोण रखा है। उन्होंने कहा, ‘‘ज्यादातर समझदार लोग समझेंगे कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मुद्दा है और यह टोपी पहनने वाले व्यक्ति, पगड़ी पहनने वाले व्यक्ति से अलग नहीं है, या सिख पगड़ी पहनते हैं क्योंकि ये सभी ऐसे मुद्दे हैं जो या तो धार्मिक प्रथा या धार्मिक विश्वासों से संबंधित हैं, और सभी संविधान के तहत अधिकारों द्वारा संरक्षित हैं।’’
उत्तराखंड सीएम को यह भी नहीं पता की यूसीसी है क्या?
खुर्शीद ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस बयान के लिये उनपर निशाना साधा जिसमें उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में फिर से चुने जाने पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति बनाएगी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि यूसीसी क्या है और यह क्या है, इसके बारे में कभी नहीं बताया है। उन्होंने कहा, ‘‘देश में बौद्ध धर्म और जैन धर्म सहित विभिन्न धर्म हैं, जिनके अलग-अलग कानून और नियम हैं, और किसी के लिए यह कहना कि हमारे पास एक यूसीसी होगा, उन्हें पहले यह स्पष्ट करना होगा कि उनका इससे क्या मतलब है।’’
'अप्रासंगिक मुद्दों को उठा रही है भाजपा'
उन्होंने दावा किया कि इस तरह के सभी मुद्दों को उठाना भाजपा में आत्मविश्वास की कमी और उसकी मतदाताओं पर पकड़ कम होने की शुरुआत होने की ओर इशारा करता है। खुर्शीद ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इसीलिए वे पूरी तरह से अप्रासंगिक चीजों को उठा रहे हैं।’’ कुछ राजनीतिक पंडितों द्वारा उत्तर प्रदेश में भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच द्विध्रुवीय मुकाबले की ओर इशारा करने के बारे में पूछे जाने पर खर्शीद ने कहा कि चुनाव को द्विध्रुवी कहना ‘थोड़ा अतिशयोक्ति’ है क्योंकि बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि उम्मीदवार कौन हैं, प्रत्येक सीट में किस प्रकार के समुदाय हैं।
उन्होंने विश्वास जताया किया कि 10 मार्च को जब परिणाम सामने आएंगे तब कांग्रेस अपनी जोरदार मौजूदगी दर्ज कराएगी। खुर्शीद ने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों में हमारा रिकॉर्ड बहुत निराशाजनक रहा है और हमने प्रियंका गांधी जी के नेतृत्व में वापसी करने और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बहुत संघर्ष किया है।’’ उन्होंने कहा कि पार्टी लंबे समय के बाद उत्तर प्रदेश में सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी इन सीटों पर 40 प्रतिशत महिलाओं के साथ लड़ रही है और उत्तर प्रदेश की राजनीति पर यह स्थायी छाप छोड़ेगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह कांग्रेस पार्टी के पुनरुत्थान की कहानी का अंत नहीं होगा, यह उस कहानी की शुरुआत होगी।’’