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कांग्रेस का आरोप: मनरेगा में 935 करोड़ का घोटाला, पुलिस में दिव्यांगों का कोटा बहाल करने की मांग
Sat, 21 Aug 2021 07:32 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 21 Aug 2021 07:32 PM IST
सार
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया है। पार्टी नेता पवन खेड़ा ने कहा कि बीते चार सालों में मनरेगा में 935 करोड़ रुपये का गबन हुआ है।
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Pawan Kheda (File Photo)
- फोटो : PTI
विस्तार
कांग्रेस ने केंद्र पर भ्रष्टाचार रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए बीते चार सालों में मनरेगा में 935 करोड़ रुपये का गबन होने का दावा किया है। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोशल ऑडिट यूनिट की रिपोर्ट के हवाले से यह दावा किया। इसके साथ ही पार्टी ने पुलिस में दिव्यांगों को चार फीसदी आरक्षण कोटा बहाल करने की भी मांग की।
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खेड़ा ने यह भी कहा कि मनरेगा को लेकर कानून के तहत सोशल ऑडिट सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि एक खबर के जरिये यह खुलासा हुआ है कि मोदी सरकार के तहत पिछले चार वर्षों में मनरेगा योजना में 935 करोड़ रुपये का गबन हुआ है। यह आंकड़ा किसी निजी एजेंसी का नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास मंत्रालय की ‘सोशल ऑडिट यूनिट’ द्वारा किए गए ऑडिट में सामने आया है।
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उनके मुताबिक, साल 2017-18 से 2020-21 के दौरान 2.65 लाख ग्राम पंचायतों का सोशल ऑडिट किया गया। खेड़ा ने कहा कि इस सोशल ऑडिट यूनिट द्वारा किए गए ऑडिट में जो तथ्य सामने आए हैं उनमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि ज्यादातर मामले वित्तीय गडबड़ी के थे, जिनमें घूसखोरी भी शामिल थी। 935 करोड़ रुपये में से सिर्फ 12.5 करोड़ रुपये की ही वसूली की जा सकी।
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कांग्रेस नेता ने दावा किया कि सबसे ज्यादा 245 करोड़ रुपये का गबन तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक सरकार के दौरान हुआ। उन्होंने केंद्र सरकार को इस कथित गबन के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कानून के प्रावधानों के मुताबिक सोशल ऑडिट सुनिश्चित किया जाना चाहिए। खेड़ा ने आग्रह किया कि गबन की जो राशि वसूल की गई है उसका इस्तेमाल कोविड महामारी से प्रभावित गरीबों की मदद करने में किया जाए।
दिव्यांग कोटा बहाल किया जाए
पवन खेड़ा ने कहा कि पुलिस बलों में दिव्यांगों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण कोटे को खत्म करने वाली अधिसूचना वापस ली जाए और आरक्षण बहाल किया जाए। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि महिला पुलिस अधिकारियों के 90 प्रतिशत आरक्षित पद रिक्त हैं और उन्हें भरने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किया जाए।