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फोन टैपिंग मामला: विपक्षी दलों के निशाने पर केंद्र, कांग्रेस ने सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की

Mon, 19 Jul 2021 02:14 PM IST
प्रशांत कुमार आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली
आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 19 Jul 2021 02:14 PM IST
सार

पेगासस मामले में उठे सवाल पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांंग्रेस ने कहा कि अगर केंद्र सरकार नहीं करा रही जासूसी तो क्या पाकिस्तान और चीन करा रहा है। मामले में जांच होनी चाहिए ताकि सब कुछ स्पष्ट हो सके

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congress AIMIM seeks to center for fair investigation on phone tapping issues
फोन टैपिंग (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media

विस्तार

फोन टैपिंग मामले को लेकर देश में एक बार फिर से हंगामा शुरू हो गया है। इस मामले पर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से पल्ला झाड़ने के बजाए इसकी जांच कराने की मांग की है। राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि हमें सब पता है, हमारे फोन में क्या पढ़े जा रहे हैं। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने मंत्रियों, उद्योगपति, जजेज और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों को भी नहीं बख्शा। सुरजेवाला ने सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। 

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वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सवाल उठाया कि भारत सरकार अगर इस मामले में जासूसी नहीं करवा रही है तो ऐसा कौन कर रहा है। यह हमारी आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती है। थरूर ने कहा कि केंद्र सरकार को अब और ज्यादा सजग होने की जरूरत है, कहीं पाकिस्तान और चीन तो हमारी सुरक्षा में सेंध नहीं लगा रहे हैं। वे हमारे नेताओं और अन्य प्रतिष्ठित लोगों की बातचीत तो रिकॉर्ड नहीं कर रहे हैं। शशि थरूर ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे पता चलेगा कि आखिर जासूसी करवा कौन रहा है। थरूर ने कहा कि केंद्र अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता उसको जवाब देना होगा। 
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ओवैसी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
वहीं सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार को इस बात के लिए जवाब देना होगा क्या वह जासूसी के लिए इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, क्योंकि इस सॉफ्टवेयर को बेचने वाली कंपनी ने कहा है कि वह चुनिंदा देशों को अपनी सेवाएं देते हैं। ओवैसी ने कहा कि केंद्र सरकार को यह बताना होगा कि वह उन चुनिंदा देशों में शामिल है या नहीं। 
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बहुत लंबे समय तक देश की खुफ़िया सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया पेगासस ही नहीं बल्कि दुनिया के और भी कई सॉफ्टवेयर ऐसे हैं जो जासूसी के सॉफ्टवेयर के तौर पर इस्तेमाल किए जाते हैं। उन्होंने बताया कई दुश्मन देश भी दूसरे मुल्कों के नेताओं, सेना के अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की बातचीत को ऐसे ही सॉफ्टवेयर के माध्यम से ना सिर्फ टैप करते हैं बल्कि उनके अंदरूनी ईमेल और किसी भी प्रकार के कम्युनिकेशन को भी रिकॉर्ड करते हैं। अधिकारी का कहना है कि खुफिया विदेश नीति का यह हिस्सा होता है। अमूमन ज्यादातर सक्षम देश इस तरीके से भी अन्य मुल्कों में अपनी जासूसी करते हैं। 


फोन टैप कराना गैरकानूनी
पूर्व आईपीएस और महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच में रहे अधिकारी एनएस राउत कहते हैं हमें इस पूरे मामले में अच्छे तरीके से तहकीकात करनी चाहिए। क्योंकि अगर किसी के फोन को टैप करना हो तो एक सॉफ्टवेयर के माध्यम से उसको लिंक भेज कर टैप कराने का कोई मतलब नहीं बनता। क्योंकि हमारे पास खुद ऐसी अत्याधुनिक तकनीकियां है जो लोगों के नंबर को अपने सिस्टम में अपडेट कर फोन को ना सिर्फ टैप करते हैं बल्कि उसकी एक एक एक्टिविटी को भी फॉलो कर सकते हैं। ऐसे में यह बहुत जरूरी हो जाता है कि इसकी पूरी तहकीकात की जाए। आईपीएस अधिकारी राउत कहते हैं कि सामान्य लोगों की जिनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है या जिनके ऊपर कोई शक नहीं है उनका फोन तो टैप किया भी नहीं जा सकता। हालांकि, उन्होंने इस बात को माना कि कई बार सरकार अपने सिस्टम का उपयोग इस लिहाज से भी करती हैं।

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