संयोग: मंगलूरू में 10 साल पहले ऐसे ही हादसे में चली गई थी 158 लोगों की जान
एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान शुक्रवार को कोझिकोड एयरपोर्ट पर लैंडिंग के वक्त फिसल गया। इस हादसे के वक्त विमान में 190 लोग सवार थे। इस हादसे में अब तक 17 लोगों की मौत की खबर है। विमान दुबई से आ रहा था और रनवे पर लैंडिंग करते हुए फिसल गया। इससे विमान के 2 टुकड़े हो गए थे। गनीमत रही कि सामने का हिस्सा खाई में गिरने से बच गया।
इसे संयोग ही कहेंगे कि करीब 10 साल पहले यानी, 22 मई 2010 में ठीक ऐसा ही एक हादसा मंगलूरू में हुआ था। उस वक्त एयर इंडिया की फ्लाइट 812 दुबई से मंगलूरू आई थी। यह फ्लाइट भी लैंडिंग के वक्त रनवे से फिसल गई थी और पहाड़ी में गिर गई थी। इस हादसे में 158 लोगों की मौत हुई थी।
मंगलूरू में ऐसे ही हादसे में गई थी 158 की जान
- 22 मई, 2010 : दुबई से मंगलूरू आ रहा एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसलकर खाई में गिर गया था। इस हादसे में 158 लोगों की मौत हुई थी। आठ लोग बच गए थे। उस फ्लाइट में 160 यात्री और छह क्रू सदस्य सवार थे।
- 17 जुलाई 2000 : बिहार के पटना में एयरपोर्ट से दो किलोमीटर दूर एक रिहायशी इलाके में प्लेन क्रैश हुआ, जिसमें 60 लोगों की मौत हो गई थी।
- 12 नवंबर 1996 : हरियाणा के चरखी दादरी में सऊदी अरब का एक विमान कजाकिस्तान के विमान से टकराया। हवा में हुई इस टक्कर में 349 लोगों की मौत हुई थी।
- 26 अप्रैल 1993 : औरंगाबाद में इंडियन एयरलाइंस का एक बोइंग 737 दुघर्टनागस्त हुआ। 56 लोगों की जान गई थी।
- 16 अगस्त 1991 : इंडियन एयरलाइंस का बोइंग 737 इंफाल में लोकतक हाइडिल पावर परियोजना के करीब दुघर्टनाग्रस्त 61 की मौत।
- 14 फरवरी 1990 : इंडियन एयरलाइंस की एयरबस 320 बंगलूरू हवाई अड्डे पर उतरते समय रनवे से 400 मीटर पहले दुर्घटनाग्रस्त, 92 की मौत।
- 19 अक्तूबर 1988 : अहमदाबाद के समीप इंडियन एयरलाइंस का विमान दुर्घटनाग्रस्त 131 की मौत।
- 1 जनवरी 1978 : एयर इंडिया की फ्लाइट एक्सवाई5 अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त, 213 की मौत।
पहले भी हुए हैं कोझिकोड में हादसे
- 7 नवंबर, 2008 : जेद्दाह से आए विमान का पंख जमीन से टकराया। जनहानि नहीं।
- 9 जुलाई, 2012 : विमान भारी बारिश से फिसला। लैंडिंग गियर टूटा। जनहानि नहीं।
- 25 अप्रैल, 2017 : एयर इंडिया के विमान का उड़ान भरते समय इंजन फेल। टायर फटा। यात्रा सुरक्षित उतारे।
- 4 अगस्त, 2017 : बंगलूरू से आ रहा विमान लैंडिंग के दौरान फिसल कर क्षतिग्रस्त हो गया। कोई हताहत नहीं।
क्या होता है टेबलटॉप रनवे?
टेबलटॉप रनवे आमतौर पर पहाड़ के ऊपर होता है। इसमें ज्यादातर एयरपोर्ट के अगल-बगल खाई होती है। यहां विमानों की लैंडिंग करना बेहद कठिन होता है। लैंडिंग और उड़ान दोनों के दौरान पायलट को खासतौर पर सावधानी बरतनी होती है।
देश में तीन ऐसे एयरपोर्ट हैं, जो बेहद ऊंचाई पर स्थित हैं और इन्हें टेबलटॉप रनवे कहा जाता है। इनमें एक केरल के मलाप्पुरम में स्थित कोझिकोड इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। यहीं पर शुक्रवार को हादसा हुआ। दूसरा एयरपोर्ट कर्नाटक के मैंगलोर में है जहां 2010 में हादसा हुआ था। तीसरा एयरपोर्ट मिजोरम में है।
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