Coimbatore Car Blast Case: एनआईए ने छह के खिलाफ दाखिल किया आरोपपत्र, कई धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं आरोप
इस विस्फोट में आईएसआईएस विचारधारा से प्रेरित जमेशा मुबीन (Jamesha Mubeen) की तमिलनाडु के उक्कडम में ईश्वरन कोविल स्ट्रीट पर प्राचीन मंदिर "अरुलमिगु कोट्टई संगमेश्वर थिरुकोविल" के सामने मौत हो गई थी।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को अक्तूबर 2022 में हुए कोयंबटूर कार बम विस्फोट मामले में छह लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया। मोहम्मद असरूथीन, मोहम्मद थल्हा, फिरोज, मोहम्मद रियास, नवास और अफसर खान पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 4, 5 एवं 6 और गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 16, 18, 20, 38 और 39 के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं। हालांकि, इस बम विस्फोट का मुख्य आरोपी आईएसआईएस विचारधारा से प्रेरित जेम्शा मुबीन (Jamesha Mubeen) था।
पिछले साल अक्तूबर में तमिलनाडु के कोयंबटूर के उक्कडम के ईश्वरन कोविल स्ट्रीट पर एक प्राचीन मंदिर 'अरुलमिगु कोट्टई संगमेश्वर थिरुकोविल' के सामने एक विस्फोट हुआ था। इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) से लैश वाहन को जेम्शा मुबीन चला रहा था तभी अचानक मंदिर के सामने विस्फोट हो गया था। विस्फोट में मुबीन की मौत हो गई थी।
एनआईए ने कहा कि जांच से पता चला है कि मुबीन इस हमले को अंजाम देने के लिए आईएसआईएस की विचारधारा से प्रेरित था। उसने अपने स्वयंभू खलीफा अबू-अल-हसन अल-हाशिमी अल-कुरैशी के प्रति 'बायथ' या निष्ठा की शपथ भी ली थी। एनआईए ने पिछले साल 27 अक्तूबर को मामला फिर से दर्ज किया था और जांच शुरू की थी।मोहम्मद असरुथीन के पास से बरामद एक पेन ड्राइव में जेम्शा मुबीन की वीडियो रिकॉर्डिंग थी, जिसमें उसने अपनी पहचान दौलत-ए-इस्लामिया (इस्लामिक स्टेट) के सदस्य के रूप में की थी।
एनआईए ने अपनी चार्जशीट में कहा, 'काफिरों' (नास्तिकों) के खिलाफ आत्मघाती आतंकी हमला करने और शहीद होने के अपने इरादे के बारे में उन्होंने विस्तार से बात की थी। एजेंसी ने कहा कि मुबीन श्रीलंका के एक कट्टरपंथी इस्लामिक धर्मगुरु जहरान हाशिम के बयानों से प्रेरित था, जो 2019 में ईस्टर सीरियल आत्मघाती बम हमलों का मास्टरमाइंड था। इस हमले में लगभग 260 लोग मारे गए थे। एनआईए ने यह भी बताया कि मुबीन भारत में 'काफिरों' के खिलाफ इसी तरह का हमला करना चाहता था। मुबीन के आवास से हस्तलिखित नोट भी बरामद हुए थे। जिसमें मौजूदा लोकतांत्रिक व्यवस्था, जो इस्लामी कानूनों के अनुरूप नहीं है, की आलोचना का उल्लेख किया गया था।
चार्जशीट में कहा गया है कि इनमें सरकारी कार्यालय भवनों, जिला न्यायालय, सार्वजनिक सभा स्थलों जैसे पार्क, रेलवे स्टेशन और कुछ अन्य स्थानीय मंदिरों सहित अन्य लक्ष्यों का भी उल्लेख है। एजेंसी ने कहा, मुबीन को रसद की व्यवस्था करने में उसके सहयोगियों मोहम्मद असरुथीन, मोहम्मद थल्हा, फिरोज, मोहम्मद रियास, नवास और अफसर खान ने सहायता की थी। आईईडी विस्फोट में इस्तेमाल की गई मारुति 800 नीले रंग की कार का पंजीकरण संख्या TN-01-F-6163 थल्हा के नाम पर था। फिरोज, रियास और नवीस ने कार में विस्फोटक, गैस सिलेंडर आदि लोड किए थे, जिससे वह शक्तिशाली हथियार बन गया था। मुबीन के दोनों चचेरे भाइयों असरुथीन और अफसर ने हमले में इस्तेमाल किए गए वीबीआईईडी (VBIED) के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक घटकों को खरीदा और पैक किया था।