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कोयले की कमी : दिल्ली समेत 16 राज्यों में बढ़ती गर्मी से और गहराया बिजली संकट, दस घंटे तक कटौती

Sat, 30 Apr 2022 05:03 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 30 Apr 2022 05:03 AM IST
सार

रेलवे ने बिजली संकट देखते हुए मालगाड़ी की लदान और उसकी रफ्तार बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार को मालगाड़ियों के 533 रैक में कोयले का लदान हुआ। इनमें से 427 रैक बिजली संयंत्रों तक कोयला पहुंचाने के लिए हैं। इनके जरिये 16.2 लाख टन कोयला बिजली संयंत्रों में पहुंचेगा। 147 संयंत्रों में 24% कोयला 27 अप्रैल तक 147 ताप बिजली संयंत्रों में सामान्य स्तर का 24 प्रतिशत कोयला भंडार में था।

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Coal shortage: Power crisis deepens in 16 states including Delhi due to rising heat, cut for ten hours
बिजली संकट - फोटो : Social Media

विस्तार

उत्तर और मध्य भारत में अभूतपूर्व गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड 2.14 लाख मेगावाट के करीब पहुंच गई है। हालांकि, इस बीच बिजली उत्पादन संयंत्रों में कोयले की कमी के कारण मांग के मुकाबले आपूर्ति में गंभीर कमी आई है। यूपी, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत देश के कम से कम 16 राज्यों में 2 से लेकर 10 घंटे तक की अघोषित बिजली कटौती हो रही है।

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उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग अब भी 22,000 मेगावाट के आसपास है, जबकि उपलब्धता लगभग 18,000 मेगावाट है। बिहार में एक हजार और हरियाणा में डेढ़ हजार मेगावाट की कमी है। दिल्ली सरकार ने मांग और आपूर्ति का अंतर सार्वजनिक किए बिना कहा है कि उसे बिजली आपूर्ति करने वाले कुछ संयंत्रों में सिर्फ एक दिन का कोयला बचा है।
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पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉरपोरेशन के अनुसार, पूरे देश में मांग से बृहस्पतिवार को 10,770 मेगावाट कम बिजली आपूर्ति हुई। वहीं, मंगलवार को 2,01,060 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हुई थी। इसके बावजूद यह मांग से 8,220 मेगावाट कम थी।
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पीक ऑवर में देश में बृहस्पतिवार को बिजली की आपूर्ति 2,04,650 मेगावाट रही, जो देश का अब तक का रिकॉर्ड है। पिछले साल सर्वाधिक बिजली आपूर्ति का रिकॉर्ड 2,00,530 मेगावाट था। यह आपूर्ति 7 जुलाई को हुई थी, जबकि इस वर्ष अप्रैल के अंत में ही मांग ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

  • रिकॉर्ड स्तर पर मांग, कोयले की कमी के कारण आपूर्ति में कमी
  • 22,000 मेगावाट बिजली की मांग यूपी में
  • 18,000 मेगावाट के करीब उपलब्धता है
  • 2,04,650 मेगावाट रिकॉर्ड बिजली की आपूर्ति देश में बृहस्पतिवार को
  • 2,00,530 मेगावाट था पिछले साल जुलाई में सर्वाधिक बिजली आपूर्ति का रिकॉर्ड

दिल्ली में सिर्फ एक दिन का कोयला
दिल्ली सरकार ने फिर दोहराया है कि राजधानी को बिजली देने वाले ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले का स्टॉक तकरीबन खत्म हो गया है। सात दिन के स्टॉक की जगह इस वक्त सिर्फ एक दिन का ही बचा है। इस पर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र समेत सभी सरकारों से इसका जल्द समाधान निकालने की अपील की है।

केंद्र का दावा... पर्याप्त कोयला

  • केंद्र सरकार का दावा है कि अप्रैल 2022 में कोल इंडिया ने पिछले साल के मुकाबले 27.2 फीसदी ज्यादा उत्पादन किया। वहीं, 5.8 फीसदी ज्यादा कोयला रवाना किया।
  • कोल इंडिया के पास 567 लाख टन कोयले का भंडार है, जबकि सिंगरेनी कोलियरीज के पास  47 लाख टन भंडार है।

मालगाड़ियों से 16.2 लाख टन कोयला भेजा
रेलवे ने बिजली संकट देखते हुए मालगाड़ी की लदान और उसकी रफ्तार बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार को मालगाड़ियों के 533 रैक में कोयले का लदान हुआ। इनमें से 427 रैक बिजली संयंत्रों तक कोयला पहुंचाने के लिए हैं। इनके जरिये 16.2 लाख टन कोयला बिजली संयंत्रों में पहुंचेगा। 147 संयंत्रों में 24% कोयला 27 अप्रैल तक 147 ताप बिजली संयंत्रों में सामान्य स्तर का 24 प्रतिशत कोयला भंडार में था। मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए 21 जोड़ी मेल-एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों के 753 फेरे निरस्त किए गए।

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