{"_id":"6835fa77f108f7cd7a0375fb","slug":"cm-siddaramaiah-slams-bjp-for-false-narrative-on-urdu-kannada-funding-news-in-hindi-2025-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnataka: सिद्धारमैया का BJP पर हमला, 'कन्नड़ की अनदेखी और उर्दू को बढ़ावा' के आरोपों को बताया झूठा प्रचार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Karnataka: सिद्धारमैया का BJP पर हमला, 'कन्नड़ की अनदेखी और उर्दू को बढ़ावा' के आरोपों को बताया झूठा प्रचार
Tue, 27 May 2025 11:16 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 27 May 2025 11:16 PM IST
सार
-
भाजपा ने उर्दू को ₹100 करोड़ और कन्नड़ को ₹32 करोड़ देने का आरोप लगाया।
-
सीएम सिद्धारमैया बोले- कन्नड़ के लिए ₹38,688 करोड़ से ज्यादा का बजट है।
-
उर्दू के लिए पैसा स्कूलों के सुधार हेतु है, न कि भाषा प्रचार के लिए।
-
सभी भाषाओं का समान सम्मान, कन्नड़ हमारी पहचान है।
-
भाजपा से सार्वजनिक माफी और स्पष्टीकरण की मांग।
भाजपा ने उर्दू को ₹100 करोड़ और कन्नड़ को ₹32 करोड़ देने का आरोप लगाया।
सीएम सिद्धारमैया बोले- कन्नड़ के लिए ₹38,688 करोड़ से ज्यादा का बजट है।
उर्दू के लिए पैसा स्कूलों के सुधार हेतु है, न कि भाषा प्रचार के लिए।
सभी भाषाओं का समान सम्मान, कन्नड़ हमारी पहचान है।
भाजपा से सार्वजनिक माफी और स्पष्टीकरण की मांग।
विज्ञापन
CM Siddaramaiah
- फोटो : ANI
विस्तार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी पर झूठा प्रचार फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा यह गलत संदेश दे रही है कि राज्य सरकार कन्नड़ भाषा की अनदेखी कर रही है और उर्दू को ज्यादा फंड दे रही है। उन्होंने इस आरोप को पूरी तरह गलत और सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश बताया।
क्या है पूरा मामला?
भाजपा कर्नाटक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि सिद्धारमैया सरकार ने साल 2025-26 में उर्दू भाषा को बढ़ावा देने के लिए ₹100 करोड़ का बजट रखा है, जबकि कन्नड़ के लिए केवल ₹32 करोड़।
यह भी पढ़ें - Ghulam Nabi Azad: सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य गुलाम नबी आजाद की बिगड़ी तबीयत, कुवैत के अस्पताल में भर्ती
विज्ञापन
सीएम सिद्धारमैया का जवाब
मुख्यमंत्री ने इस दावे को राजनीतिक झूठ बताते हुए कहा कि सरकार ने वास्तव में कन्नड़ माध्यम की शिक्षा को मजबूत करने के लिए ₹38,688 करोड़ का बड़ा बजट रखा है। उन्होंने बताया, ₹34,438 करोड़ प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग को दिए गए हैं। ₹4,150 करोड़ सामाजिक कल्याण और अन्य विभागों के अंतर्गत स्कूलों को दिए गए हैं। इसके अलावा, ₹999.30 करोड़ सरकारी स्कूलों की मरम्मत और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए रखे गए हैं। सीएम सिद्धारमैया ने कहा, 'यह सारा पैसा कन्नड़ शिक्षा के लिए है। भाजपा का यह कहना कि सिर्फ ₹32 करोड़ कन्नड़ को मिले, पूरी तरह से झूठ और लोगों को गुमराह करने की कोशिश है।'
उर्दू के लिए ₹100 करोड़ क्यों?
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यह राशि सिर्फ उर्दू भाषा को बढ़ावा देने के लिए नहीं, बल्कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत उर्दू माध्यम के स्कूलों की हालत सुधारने के लिए दी गई है। इसमें स्कूल भवन, शिक्षक, किताबें और इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'भाषा को किसी धर्म या जाति से जोड़ना गलत है और अपमानजनक भी।'
यह भी पढ़ें - DRDO: भारत के लड़ाकू ड्रोन की बढ़ेगी ताकत, डीआरडीओ ने रूस में शुरू किया कावेरी इंजन का परीक्षण
सरकार सभी भाषाओं का सम्मान करती है- सीएम
मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नाटक सरकार राज्य की सभी भाषाओं का सम्मान करती है। इसलिए राज्य में तुलु, कोंकणी, कोडव, बायरी और अरेभाषे के लिए अलग-अलग अकादमियां हैं, जिन्हें सालाना ₹80 लाख दिए जाते हैं।
कन्नड़ के लिए विशेष विभाग- सिद्धारमैया
सीएम सिद्धारमैया ने बताया कि कन्नड़ के लिए एक अलग कन्नड़ और संस्कृति विभाग है, जो 14 अकादमियों, 3 प्राधिकरणों और 24 ट्रस्टों का संचालन करता है, जो कन्नड़ भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देते हैं। मुख्यमंत्री ने भाजपा से कहा, 'कर्नाटक के लोगों को गुमराह करने और समाज में जहर घोलने की कोशिश करने के लिए भाजपा को माफी मांगनी चाहिए। यह कहना कि कन्नड़ को सिर्फ ₹32 करोड़ दिए गए—यह केवल झूठ नहीं, बल्कि कर्नाटक के साथ धोखा है।'
विज्ञापन
क्या है पूरा मामला?
भाजपा कर्नाटक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि सिद्धारमैया सरकार ने साल 2025-26 में उर्दू भाषा को बढ़ावा देने के लिए ₹100 करोड़ का बजट रखा है, जबकि कन्नड़ के लिए केवल ₹32 करोड़।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Ghulam Nabi Azad: सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य गुलाम नबी आजाद की बिगड़ी तबीयत, कुवैत के अस्पताल में भर्ती
विज्ञापन
सीएम सिद्धारमैया का जवाब
मुख्यमंत्री ने इस दावे को राजनीतिक झूठ बताते हुए कहा कि सरकार ने वास्तव में कन्नड़ माध्यम की शिक्षा को मजबूत करने के लिए ₹38,688 करोड़ का बड़ा बजट रखा है। उन्होंने बताया, ₹34,438 करोड़ प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग को दिए गए हैं। ₹4,150 करोड़ सामाजिक कल्याण और अन्य विभागों के अंतर्गत स्कूलों को दिए गए हैं। इसके अलावा, ₹999.30 करोड़ सरकारी स्कूलों की मरम्मत और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए रखे गए हैं। सीएम सिद्धारमैया ने कहा, 'यह सारा पैसा कन्नड़ शिक्षा के लिए है। भाजपा का यह कहना कि सिर्फ ₹32 करोड़ कन्नड़ को मिले, पूरी तरह से झूठ और लोगों को गुमराह करने की कोशिश है।'
उर्दू के लिए ₹100 करोड़ क्यों?
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यह राशि सिर्फ उर्दू भाषा को बढ़ावा देने के लिए नहीं, बल्कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत उर्दू माध्यम के स्कूलों की हालत सुधारने के लिए दी गई है। इसमें स्कूल भवन, शिक्षक, किताबें और इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'भाषा को किसी धर्म या जाति से जोड़ना गलत है और अपमानजनक भी।'
यह भी पढ़ें - DRDO: भारत के लड़ाकू ड्रोन की बढ़ेगी ताकत, डीआरडीओ ने रूस में शुरू किया कावेरी इंजन का परीक्षण
सरकार सभी भाषाओं का सम्मान करती है- सीएम
मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नाटक सरकार राज्य की सभी भाषाओं का सम्मान करती है। इसलिए राज्य में तुलु, कोंकणी, कोडव, बायरी और अरेभाषे के लिए अलग-अलग अकादमियां हैं, जिन्हें सालाना ₹80 लाख दिए जाते हैं।
कन्नड़ के लिए विशेष विभाग- सिद्धारमैया
सीएम सिद्धारमैया ने बताया कि कन्नड़ के लिए एक अलग कन्नड़ और संस्कृति विभाग है, जो 14 अकादमियों, 3 प्राधिकरणों और 24 ट्रस्टों का संचालन करता है, जो कन्नड़ भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देते हैं। मुख्यमंत्री ने भाजपा से कहा, 'कर्नाटक के लोगों को गुमराह करने और समाज में जहर घोलने की कोशिश करने के लिए भाजपा को माफी मांगनी चाहिए। यह कहना कि कन्नड़ को सिर्फ ₹32 करोड़ दिए गए—यह केवल झूठ नहीं, बल्कि कर्नाटक के साथ धोखा है।'
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन