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Himanta Biswa Sarma: राहुल गांधी के US टैरिफ वाले बयान पर CM सरमा का पलटवार, बोले- उनकी सोच भारत विरोधी है

Fri, 01 Aug 2025 03:34 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: हिमांशु चंदेल Updated Fri, 01 Aug 2025 03:34 PM IST
सार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर अमेरिका में भारत को बदनाम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का 'भारत विरोधी' रवैया सामने आ गया है। राहुल ने अमेरिकी टैरिफ पर मोदी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए भारत की अर्थव्यवस्था को ‘डेड’ बताया था। सरमा ने इसे शर्मनाक बताते हुए देश की छवि खराब करने का आरोप लगाया।

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CM Himanta Biswa Sarma hits back Rahul Gandhi statement malegaon blast case US tariff says thinking anti-India
राहुल गांधी और हिमंत बिस्वा सरमा - फोटो : पीटीआई

विस्तार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की अमेरिकी टैरिफ को लेकर की गई टिप्पणी उनके ‘भारत विरोधी मानसिकता’ को उजागर करती है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं, तब राहुल गांधी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की छवि धूमिल कर रहे हैं।
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राहुल गांधी ने बुधवार को कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सही थे जब उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को 'डेड' बताया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को छोड़कर बाकी सभी इस मुद्दे पर चुप हैं। असम के मुख्यमंत्री ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि यह बयान न केवल भाजपा के खिलाफ है, बल्कि यह भारत विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पिछले एक हफ्ते में राहुल गांधी की सच्चाई सामने आ चुकी है।
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मालेगांव केस पर भी कांग्रेस पर तीखा वार
सिर्फ अमेरिकी टैरिफ ही नहीं, सरमा ने मालेगांव ब्लास्ट केस को लेकर भी कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश थी, जिसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को फंसाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि यह एक ‘राजनीतिक शिकार’ था, जिसमें उस समय के गृहमंत्री पी चिदंबरम की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठने चाहिए।
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'हिंदू समाज को आतंकवाद से जोड़ने की साजिश'
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह स्पष्ट षड्यंत्र था, जिसका मकसद था हिंदू धर्म और आरएसएस को बदनाम करना। उन्होंने कहा कि मालेगांव केस में विशेष एनआईए कोर्ट का फैसला, जिसमें सभी सात आरोपियों को बरी किया गया। कांग्रेस की झूठी कहानी को पूरी तरह उजागर करता है। उन्होंने मांग की कि अब पी चिदंबरम से यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने हिंदू समाज को आतंक से जोड़ने की कोशिश क्यों की।

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मालेगांव विस्फोट में लगभग 17 साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष कोई ठोस और भरोसेमंद सबूत पेश नहीं कर पाया। न्यायाधीश एके लाहोटी ने कहा कि कोई भी धर्म हिंसा नहीं सिखाता और आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। लेकिन केवल धारणा के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

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