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चिंताजनक: 2025 तीसरा सबसे गर्म साल, दुनिया 1.5 डिग्री सीमा पार करने की ओर; ध्रुवीय इलाकों में रिकॉर्ड गर्मी

Wed, 14 Jan 2026 05:03 AM IST
देवेश त्रिपाठी परीक्षित निर्भय, अमर उजाला
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Wed, 14 Jan 2026 05:03 AM IST
सार

रिपोर्ट बताती है कि 2025 में दुनिया के आधे से अधिक भूमि क्षेत्र में सामान्य से ज्यादा दिन तेज हीट स्ट्रेस (32 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक महसूस होने वाला तापमान) रहा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हीट स्ट्रेस मौसम से जुड़ी मौतों का प्रमुख कारण है। यूरोप और उत्तरी अमेरिका के हिस्सों में भीषण जंगलों की आग से वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिम बढ़े।

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Climate Change Worry 2025 third hottest year on record world poised to cross 1.5 degree threshold
2015 से 2025 के बीच के 11 वर्ष अब तक के सबसे गर्म साल साबित - फोटो : AI Generated

विस्तार

वैश्विक तापमान को लेकर चेतावनी और गंभीर गई है। साल 2025 रिकॉर्ड में तीसरा सबसे गर्म साल रहा। यह 2023 से महज 0.01 डिग्री सेल्सियस ठंडा और 2024 (अब तक का सबसे गर्म साल) से 0.13 डिग्री कम रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि 2015 से 2025 के बीच के 11 साल ही अब तक के 11 सबसे गर्म साल साबित हुए हैं।
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यूरोपीय जलवायु निगरानी कार्यक्रम कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, बीते तीन वर्षों में लगभग हर महीना अब तक के सबसे गर्म महीनों में शामिल रहा। 2025 में दुनिया के करीब आधे हिस्से में साल भर तापमान सामान्य से कहीं अधिक रहा, जिसके चलते यहां औसत से ज्यादा हीट स्ट्रेस दर्ज किया गया। खास बात यह रही कि एल-नीनो जैसी स्थितियां न होने के बावजूद समुद्र की सतह का तापमान ऐतिहासिक रूप से ऊंचा बना रहा।
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ध्रुवीय इलाकों में असामान्य गर्मी ने वैश्विक औसत तापमान को और ऊपर खींच दिया। कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस के निदेशक कार्लो बुओनटेम्पो ने चेताया कि 1.5 डिग्री की सीमा पार होना तय है, सवाल यह है कि दुनिया इसके असर को कैसे संभालती है। साल 2025 के आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि जलवायु परिवर्तन भविष्य नहीं, आज की हकीकत है। उत्सर्जन में तेज कटौती और अनुकूलन के ठोस कदम ही बढ़ते जोखिमों से बचाव का रास्ता हैं।
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कैसा रहा मौसम का पूर्वानुमान?
  • यूरोपीय मध्यम-श्रेणी मौसम पूर्वानुमान केंद्र (ईसीएमडब्ल्यूएफ) के अनुसार 2023 से 2025 के बीच का तीन वर्षों का औसत तापमान औद्योगिक काल (1850–1900) से 1.5 डिग्री से अधिक रहा।
  • यह पहली बार है जब लगातार तीन वर्षों का औसत इस अहम सीमा को पार कर गया।
  • डाटा बताता है कि 2025 में वैश्विक औसत सतही तापमान औद्योगिक स्तर से 1.47 डिग्री ऊपर रहा।
  • वैज्ञानिकों का आकलन है कि मौजूदा रफ्तार बनी रही तो 1.5 डिग्री की दीर्घकालिक सीमा इस दशक के अंत तक, पहले के अनुमानों से करीब एक दशक पहले, पार हो सकती है।
ध्रुवीय इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी
रिपोर्ट के मुताबिक अंटार्कटिका में 2025 सबसे गर्म साल रहा, जबकि आर्कटिक दूसरा सबसे गर्म। वैश्विक भूमि क्षेत्रों पर तापमान भी दूसरा सबसे अधिक दर्ज हुआ। उष्णकटिबंधीय इलाकों में तापमान 2023–24 की तुलना में कुछ कम रहा लेकिन ध्रुवीय क्षेत्रों की असाधारण गर्मी ने इसकी भरपाई कर दी।

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