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Supreme Court: सीजेआई गवई बोले- गर्मी की छुट्टियों में वकील नहीं करना चाहते काम, फिर भी हमें कोसा जाता है

Wed, 21 May 2025 03:16 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 21 May 2025 03:16 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट में इस बार छुट्टियों में भी टॉप 5 जज काम कर रहे हैं, ताकि लंबित मामलों को सुलझाया जा सके। इसपर सीजेआई डीवाई गवई ने कहा कि वकील गर्मियों की छुट्टियों में काम नहीं करना चाहते, फिर भी केसों की देरी के लिए जजों को दोषी ठहराया जाता है।

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CJI Gavai Said Lawyers don’t want to work during vacation News In Hindi
सीजेआई बीआर गवई। - फोटो : PTI

विस्तार

मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई गवई ने बुधवार को कहा कि वकील गर्मी की छुट्टियों में काम नहीं करना चाहते, लेकिन मुकदमों की लंबी सूची के लिए अदालतों को दोषी ठहराया जाता है। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के पहले पांच जज गर्मियों की छुट्टियों में भी काम कर रहे हैं, फिर भी हमें बैकलॉग के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। असल में तो वकील ही छुट्टियों में काम नहीं करना चाहते। बता दें कि सीजेआई गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ उस वक्त नाराज हो गई जब एक वकील ने अपनी याचिका की सुनवाई छुट्टियों के बाद करने की मांग की।

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गर्मियों की छुट्टियों में भी काम कर रहे टॉप पांच जज
इस बार सुप्रीम कोर्ट ने 26 मई से 13 जुलाई तक की गर्मी की छुट्टियों को आंशिक न्यायिक कार्य दिवस के रूप में घोषित किया है। इस दौरान 2 से 5 पीठें काम करती रहेंगी, जिसमें खुद सीजेआई और शीर्ष पांच जज शामिल हैं।गौरतलबव है कि पहले की परंपरा में गर्मियों में सिर्फ दो पीठें बैठती थीं और वरिष्ठ जज छुट्टियों में काम नहीं करते थे। इस बार सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री भी सुबह 10 से शाम 5 बजे तक खुली रहेगी। शनिवार (12 जुलाई को छोड़कर), रविवार और अन्य छुट्टियों पर रजिस्ट्री बंद रहेगी।
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यशवंत वर्मा के खिलाफ एफआईआर मामले में सुप्रीम कोर्ट
हालांकि इससे पहले सुनवाई के दौरान नकदी बरामदगी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायमूर्ति वर्मा पर जांच रिपोर्ट राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजी गई है। 

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मामले में न्यायमूर्ति अभय एस ओका की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर करने से पहले प्रधानमंत्री और भारत के राष्ट्रपति को अपना प्रतिनिधित्व दाखिल करें। पीठ ने याचिका खारिज करने से पहले कहा,  पहले उन अधिकारियों के समक्ष प्रतिनिधित्व दाखिल करें जो उन्हें कार्रवाई करने के लिए कह रहे हैं, फिर परमादेश की मांग करते हुए रिट दाखिल करें।  यह मामला आग लगने के बाद उनके सरकारी आवास से बड़ी मात्रा में जले हुए पैसे बरामद होने का है।

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