{"_id":"685d8fd6e63a63c09508f428","slug":"cji-b-r-gavai-supports-proposal-to-set-up-bench-of-bombay-high-court-at-kolhapur-2025-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"CJI: कोल्हापुर में बॉम्बे हाईकोर्ट की बेंच बनाने के प्रस्ताव को सीजेआई का समर्थन; बोले-न्याय तक हो सबकी पहुंच","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
CJI: कोल्हापुर में बॉम्बे हाईकोर्ट की बेंच बनाने के प्रस्ताव को सीजेआई का समर्थन; बोले-न्याय तक हो सबकी पहुंच
Thu, 26 Jun 2025 11:52 PM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शुक्ला
Updated Thu, 26 Jun 2025 11:52 PM IST
सार
सीजेआई गवई ने कहा कि औरंगाबाद बेंच में उच्च न्यायालय की बॉम्बे बेंच की तुलना में अधिक मामले दायर किए जाते हैं। हर सुनवाई के लिए हर किसी के लिए बॉम्बे (मुंबई) आना आर्थिक रूप से संभव नहीं है। हर कोने में हर नागरिक को बिना अधिक समय और पैसा खर्च किए न्याय मिलना चाहिए।
विज्ञापन
बीआर गवई, सीजेआई
- फोटो : ANI
विस्तार
मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर में बॉम्बे हाई कोर्ट की एक बेंच स्थापित करने की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि न्याय हर नागरिक को हर कोने में उपलब्ध होना चाहिए। पिछले महीने 52वें सीजेआई के रूप में शपथ लेने वाले गवई बृहस्पतिवार को बॉम्बे हाई कोर्ट, औरंगाबाद बेंच के अधिवक्ता संघ द्वारा आयोजित अपने अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे। बॉम्बे हाई कोर्ट में वर्तमान में मुंबई में अपनी मुख्य बेंच के अलावा गोवा, औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) और नागपुर में सर्किट बेंच हैं। सीजेआई ने कहा कि जब भी बॉम्बे हाई कोर्ट की कोल्हापुर बेंच की मांग की गई है, मैंने समर्थन किया है और औरंगाबाद बेंच का उदाहरण दिया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अब औरंगाबाद बेंच में उच्च न्यायालय की बॉम्बे बेंच की तुलना में अधिक मामले दायर किए जाते हैं। उन्होंने कहा, हर सुनवाई के लिए हर किसी के लिए बॉम्बे (मुंबई) आना आर्थिक रूप से संभव नहीं है। हर कोने में हर नागरिक को बिना अधिक समय और पैसा खर्च किए न्याय मिलना चाहिए।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें- MP Samwad 2025: लाडली बहना योजना, सिंहस्थ और 50 मेडिकल कॉलेज.., 'संवाद' में सीएम मोहन यादव ने किए बड़े एलान
विज्ञापन
सीजेआई गवई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हमेशा सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के लिए योग्यता के आधार पर न्यायाधीशों के चयन करने का प्रयास किया है। कभी भी उम्मीदवार की जाति, धर्म या वर्ग के बारे में नहीं सोचा। केवल उनकी योग्यता और यह देखा कि क्या वे पद के योग्य हैं। सीजेआई 2006 में साथी न्यायाधीशों के साथ टेनिस खेलते समय यहां हुई एक स्वास्थ्य समस्या को याद करते हुए थोड़े भावुक हो गए। उन्होंने कहा, आखिरी गेंद के दौरान मैं बीमार पड़ गया और मुझे अस्पताल ले जाया गया।
इसे भी पढ़ें- Khamenei on Israel-Iran Tension: खामनेई बोले- ईरान ने अमेरिका के चेहरे पर तमाचा मारा, US को लड़ाई से लाभ नहीं