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CJI B R Gavai: सीजेआई गवई बोले- मैं बौद्ध धर्म का पालन करता हूं, लेकिन मैं सभी धर्मों में विश्वास करता हूं

Thu, 20 Nov 2025 09:36 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 20 Nov 2025 09:36 PM IST
सार

मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि वह बौद्ध धर्म का पालन करते हैं, लेकिन वह सच में एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति हैं और सभी धर्मों में विश्वास रखते हैं।

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CJI B R Gavai says I practice Buddhism, but I believe in all religions
सीजेआई बीआर गवई। - फोटो : ANI/वीडियो ग्रैब

विस्तार

 सीजेआई बीआर गवई ने गुरुवार को कहा कि वह बौद्ध धर्म का पालन करते हैं, लेकिन वह वास्तव में एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति हैं जो सभी धर्मों में विश्वास रखते हैं। बता दें कि गवई 23 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं, और शुक्रवार सुप्रीम कोर्ट में उनका आखिरी कार्य दिवस होगा। बता दें कि हाल ही में जस्टिस गवई पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के दौरान उनकी एक टिप्पणी से नाराज होकर एक वकील ने उन पर जूता उछाल दिया था। 
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‘सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन’ (एससीएओआरए) द्वारा आयोजित एक विदाई समारोह में बोलते हुए सीजेआई बीआर गवई ने अपना आभार व्यक्त किया और कहा कि देश की न्यायपालिका ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। गवई ने कहा, मैं बौद्ध धर्म को मानता हूं, लेकिन मुझे किसी भी धार्मिक स्टडी में अधिक गहराई नहीं है। मैं सच में सेक्युलर हूं और मैं हिंदू धर्म, सिख धर्म, इस्लाम, ईसाई धर्म, हर चीज में विश्वास करता हूं।
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जस्टिस गवई ने कहा, मैंने यह अपने पिता से सीखा है। वह डॉ. अंबेडकर के सेक्युलर और जानकार फॉलोवर थे। बड़े होते समय जब हम उनके साथ पॉलिटिकल फंक्शन में जाते थे और उनके दोस्त कहते थे, 'यहां आओ, यहां की दरगाह मशहूर है, या यहां का गुरुद्वारा मशहूर है', तो हम जाते थे। गवई ने कहा कि वह आज की स्थिति तक सिर्फ डॉ. अंबेडकर और संविधान की वजह से ही पहुंच पाए हैं।
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सीजेआई केंद्रित न हो सुप्रीम कोर्ट
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को सीजेआई-केंद्रित नहीं, बल्कि सभी जजों की अदालत होनी चाहिए। सीजेआई ने कहा, सुप्रीम कोर्ट एक बहुत बड़ी संस्था है। जब तक जज, बार, रजिस्ट्री और स्टाफ समेत सभी हितधारक मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक कोर्ट काम नहीं कर सकता। जहां बार की समस्याओं की बात हो, वहां सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और एससीएओआरए को हमेशा शामिल किया जाना चाहिए।


उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट एक बहुत बड़ी संस्था है। जब तक जज, बार, रजिस्ट्री और स्टाफ समेत सभी स्टेकहोल्डर मिलकर काम नहीं करेंगे, कोर्ट काम नहीं कर सकता। जहां बार की समस्याओं की बात हो सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और SCAORA को हमेशा साथ लेना चाहिए। 

सीजेआई गवई की आम लोगों को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता प्रशंसनीय: जस्टिस सूर्यकांत
वहीं अगले होने वाले सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि वह गवई को दो दशकों से जानते हैं।  आम आदमी को न्याय दिलाने के लिए जाने वाले सीजेई की प्रतिबद्धता सच में तारीफ के काबिल था। जस्टिस कांत ने कहा, मैंने जस्टिस गवई का इंसानियत वाला पहलू देखा है। वह मिलनसार, दयालु और एक बेहतरीन होस्ट हैं। मुझे पूरा यकीन है कि रिटायरमेंट के बाद भी वह इंस्टीट्यूशन को गाइड करते रहेंगे। उनका अनुभव इंस्टीट्यूशन के लिए एक एसेट बना रहेगा। 
 
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