CISF: सीआईसएफ में प्रमोशन को लेकर इंस्पेक्टरों ने खोला बड़ा मोर्चा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ा दबाव
सीआईएसएफ के 500 से ज्यादा इंस्पेक्टरों ने प्रमोशन में लंबे ठहराव को लेकर बल मुख्यालय से निष्पक्ष कैडर रिव्यू और समयबद्ध पदोन्नति की मांग की है। उनका कहना है कि 30 से 34 साल की सेवा में सिर्फ एक प्रमोशन मिल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी को कैडर रिव्यू तीन महीने में पूरा करने का निर्देश दिया है।
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केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईसएफ में प्रमोशन को लेकर बड़ा असंतोष सामने आया है। 500 से ज्यादा इंस्पेक्टरों ने बल मुख्यालय को याचिका देकर समयबद्ध पदोन्नति और निष्पक्ष कैडर रिव्यू की मांग की है। उनका कहना है कि करियर के 30 से 34 साल में उन्हें सिर्फ एक ही प्रमोशन मिल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद अब यह मामला और तेज हो गया है और अधिकारी अपने अधिकारों की मांग खुलकर कर रहे हैं।
कैडर रिव्यू पर जोर
इंस्पेक्टरों ने अपनी याचिकाओं में कहा है कि 2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी विशेष अनुमति याचिका का निपटारा करते हुए सीआईसएफ के कैडर रिव्यू को तीन महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है। इसी आदेश के आधार पर अधिकारियों ने निष्पक्ष समीक्षा और प्रमोशन व्यवस्था सुधारने की मांग रखी है। उनका कहना है कि मौजूदा ढांचा उन्हें समय पर आगे बढ़ने का मौका नहीं देता। इससे लंबी सेवा के बावजूद करियर रुक जाता है।
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सब-इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर, फिर रास्ता बंद
सीआईसएफ में भर्ती सब-इंस्पेक्टर के रूप में होती है। इसके बाद प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर बनाया जाता है। अगला पद सहायक कमांडेंट का है, जो गजेटेड रैंक की शुरुआत है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि असली रुकावट इंस्पेक्टर से सहायक कमांडेंट पद पर प्रमोशन में है। अभी बल में करीब 3,000 इंस्पेक्टर और लगभग 17,000 सब-इंस्पेक्टर हैं।
कई अधिकारी तीन दशक से ज्यादा बेदाग सेवा देने के बाद भी सिर्फ एक प्रमोशन लेकर रिटायर हो रहे हैं। उनका कहना है कि यह स्थिति मनोबल गिरा रही है और मूल अधिकारों के साथ अन्याय है।
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कोटा कटौती और असमानता का आरोप
इंस्पेक्टरों ने ठहराव की वजह प्रमोशन कोटा में लगातार कमी, अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों जैसे सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी के मुकाबले रैंक असमानता और कार्मिक विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन न होना बताया है। उन्होंने समान भर्ती परीक्षा से आने वाले अधिकारियों को दूसरे बलों में ऊंचे गजेटेड पद मिलने का उदाहरण दिया है।
सीआईसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि ग्रुप 'ए' अधिकारियों का कैडर रिव्यू जारी है और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। सीआईएसएफ गृह मंत्रालय के अधीन करीब दो लाख कर्मियों वाला बल है, जो परमाणु, बिजली, एयरपोर्ट और संसद जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा करता है।
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