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केरल: पॉक्सो कोर्ट ने पादरी को 18 साल की सश्रम कैद की दी सजा, यौन शोषण करने के मामले दिया है आदेश
Sat, 30 Apr 2022 08:25 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोल्लम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोल्लम
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 30 Apr 2022 08:25 PM IST
सार
केरल की एक अदालत ने एक पादरी को 18 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने ये फैसला पांच साल पहले कोल्लम जिले में एक विद्यालय के चार किशोरों का यौन शोषण करने के मामले में सुनाया।
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कोर्ट का फैसला
- फोटो : amar ujala
विस्तार
केरल की एक अदालत ने यौन शोषण करने के मामले में शनिवार को फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए एक पादरी को 18 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने ये फैसला पांच साल पहले कोल्लम जिले में एक विद्यालय के चार किशोरों का यौन शोषण करने के मामले में सुनाया।
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सुनवाई के दौरान अदालत ने चेन्नई स्थित एसडीएम विद्यालय के सदस्य फादर थॉमस पारेकुलम (35) को कोट्टाराक्कारा क्षेत्र के पुथूर में भारतीय दंड संहिता की धारा 377 और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की धाराओं के तहत दर्ज मामले में शुक्रवार को दोषी पाया।
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घटना के समय सभी पीड़ित किशोर 16 वर्ष के थे और जिले के पुल्माला में एक विद्यालय के छात्र थे, जहां आरोपी ‘रेक्टर’ के रूप में काम कर रहा था।
पॉक्सो अदालत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के. एन. सुजीत ने पादरी को तीन मामलों में पांच-पांच साल (तीनों सजा की अवधि मिलाकर 15 साल) और चौथे मामले में तीन साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने प्रत्येक मामले में पीड़ितों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया।
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इस मामले में जिला लोक अभियोजक कार्यालय ने बताया कि पुलिस हिरासत से फरार हुए आरोपी को चेन्नई से गिरफ्तार किया गया था। कार्यालय ने कहा कि तिरुवनंतपुरम में बाल कल्याण समिति द्वारा प्राप्त एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया और जांच की गई थी। अब इस मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है।