फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Chinas barbarism: Many soldiers' bodies pierced with pointed weapons, face not recognizable

चीन की बर्बरता: कई जवानों के शरीर नुकीले हथियारों से छेद दिए, चेहरे तक पहचान में नहीं आ रहे

Sat, 20 Jun 2020 05:32 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 20 Jun 2020 05:32 AM IST
सार

  • जवानों के क्षत-विक्षत शरीरों से सामने आई चीन की बर्बरता
  • पोस्टमार्टम से खुलासा: तीन की डूबने, 12 की बर्फीली ठंड-दम घुटने से हुई मौत

विज्ञापन
Chinas barbarism: Many soldiers' bodies pierced with pointed weapons, face not recognizable
लद्दाख की गलवां घाटी

विस्तार

भारतीय जवानों के साथ चीन  की बर्बरता का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, जवानों के शरीर पर गहरे घाव थे। 12 घायल जवानों की मौत हाइपोथर्मिया यानी शरीर का तापमान बेहद कम हो जाने और दम घुटने से हुई।

विज्ञापन


लेह के एसएनएम अस्पताल में जवानों के शवों का पोस्टमॉर्टम हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि 17 जवानों के शरीर पर चोट के गहरे निशान हैं। शायद तीन जवानों की मौत डूबने से हुई है। वहीं, बाकी जवानों पर किसी नुकीले हथियारों से वार किया गया था, जिससे उनके शरीर पर चोट के गहरे निशान थे।
विज्ञापन


तीन जवानों के चेहरे को इस तरह से क्षत-विक्षत कर दिया गया था कि वे पहचान में भी नहीं आ रहे हैं जबकि, तीन अन्य जवानों की गर्दन रेतने के निशान थे। चीनी सैनिकों ने नुकीले और लोहे के कांटे लगे रॉड से भारतीय सैनिकों पर हमला किया था। घायल सैनिकों का सैन्य अस्पताल में इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कर्नल संतोष बाबू के सिर पर हुआ था हमला
वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अस्पताल में जवानों के शवों की तस्वीरें नहीं लेने का आदेश दिया गया था। रिपोर्ट में सामने आया कि कर्नल संतोष बाबू समेत तीन जवानों के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे, लेकिन उनके सिर पर किसी हथियार से हमला किया गया था।


14,000 फुट की ऊंचाई से नदी में गिरे थे कई जवान
कुछ जवानों के शरीर पर नाखून चुभोने जैसे निशान भी मिले हैं। चीन के सैनिकों के पास चाकू भी थे। कुछ जवान 14,000 फीट की ऊंचाई से नदी में गिर गए थे। इतनी ऊंचाई पर गलवां घाटी की जमा देने वाली ठंड और दुर्गम क्षेत्र में मदद न मिलने के चलते भी सैनिकों की जान गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed