फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   China trying to build big dam projects and hydroelectric plants on Brahmaputra river in tibet region

Dam on Brahmaputra: चीन का एक और झूठ उजागर, चोरी-छिपे ब्रह्मपुत्र घाटी में कर रहा मजबूत निर्माण

Thu, 05 Jan 2023 01:32 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Thu, 05 Jan 2023 01:32 AM IST
सार

थिंक टैंक ईएफएसएएस के मुताबिक, चीन की ऊर्जा परिवर्तन रणनीति वजह से चीन और भारत के बीच ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली में टकराव के आसार बढ़ गए हैं, क्योंकि दोनों ही देश इस क्षेत्र में हरित ऊर्जा के उत्पादन की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

विज्ञापन
China trying to build big dam projects and hydroelectric plants on Brahmaputra river in tibet region
china - फोटो : iStock

विस्तार

चीन ब्रह्मपुत्र घाटी में रणनीतिक रूप से बड़ी बांध और जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण की कोशिश में लगा है। लेकिन हर बार इन आरोपों को झुठलाया है। हाल ही में चीन का एक झूठ और उजागर हुआ है। अब चीन ब्रह्मपुत्र घाटी पर पूरी तरह से आधिपत्य जमाने की रणनीति बना रहा है। चोरी-छिपे मजबूत निर्माण कर रहा है। नीदरलैंड की थिंक टैंक संस्था यूरोपियन फाउंडेशन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (ईएफएसएएस) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में यह दावा किया है।

विज्ञापन


थिंक टैंक के अनुसार, भारत और चीन के बीच ऊर्जा परिवर्तन और क्षेत्रीय शक्ति के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा की वजह से दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय तनाव कम करने के बजाय और बढ़ने की संभावना है। थिंक टैंक ने कहा कि चीन के लिए ऊर्जा उत्पादन के तौर-तरीकों में परिवर्तन करना उसके विकास मॉडल के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
विज्ञापन


थिंक टैंक के मुताबिक, चीन की इसी ऊर्जा परिवर्तन रणनीति (बिजली उत्पादन के लिए जीवाश्म आधारित प्रणालियों की बजाय अक्षय ऊर्जा पर जोर) की वजह से चीन और भारत के बीच ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली में टकराव के आसार बढ़ गए हैं क्योंकि दोनों ही देश इस क्षेत्र में हरित ऊर्जा के उत्पादन की रणनीति पर काम कर रहे हैं। ईएफएसएएस के अनुसार, ब्रह्मपुत्र बेसिन में चीन की नवीकरणीय ऊर्जा की प्राथमिकताएं उसकी रणनीतिक, सामरिक, आर्थिक और मध्यावधि राजनीतिक उद्देश्यों से भी जुड़ी हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


2060 तक कार्बन तटस्थता चीन का लक्ष्य
हाल ही में चीन ने घोषणा की कि वह 2060 तक कार्बन तटस्थता का लक्ष्य रखेगा और ऊर्जा नवाचार में सबसे आगे रहना चाहता है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने घोषणा की कि चीन 2030 से पहले अपने उत्सर्जन को अधिकतम करने की कोशिश करेगा। यह चीन की एक अत्यधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है जिसके लिए उसे नवीकरणीय ऊर्जा में काफी पैसा लगाना पड़ सकता है।

2030 तक ईंधन उत्पादन 40 प्रतिशत करना चाहता है भारत 
इस बीच भारत ने साल 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन उत्पादन का लक्ष्य 40 प्रतिशत रखा है। साल 2010 से 2018 के बीच भारत ने अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को दोगुना कर दिया है। चीन की तुलना में भारत पवन और सौर ऊर्जा उत्पादन में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ईएफएसएएस की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पास पांचवीं सबसे बड़ी जलविद्युत क्षमता है।


चीन की जलविद्युत परियोजनाओं से नुकसान
विशेषज्ञों के अनुसार, यारलुंग जांग्बो नदी (ब्रहम्पुत्र का तिब्बती भाग) पर चीन की जलविद्युत परियोजनाएं ब्रह्मपुत्र नदी को भारत में एक मौसमी नदी में परिवर्तित कर देगी। इस कारण भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में सूखे के रूप में सामने आ सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed