{"_id":"57c9f47f4f1c1bba272cb0dc","slug":"child-s-emotional-appeal-to-the-pm-provide-me-a-kidney-i-want-to-live","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चे का खत: प्रधानमंत्री जी! मैं जीना चाहता हूं, मुझे किडनी दिला दो","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
बच्चे का खत: प्रधानमंत्री जी! मैं जीना चाहता हूं, मुझे किडनी दिला दो
ब्यूरो/अमर उजाला, हाथरस
Updated Sat, 03 Sep 2016 05:55 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सादाबाद के एक बच्चे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। जिंदगी और मौत से लड़ रहे 11 साल के राकेश पुत्र महीपाल सिंह को किडनी की जरूरत है। मां का साया तो पहले ही उसके सिर से उठ चुका है। इलाज में लाखों रुपये खर्च कर चुका मजदूर पिता भी खुद को हारा हुआ महसूस कर रहा है।
विज्ञापन
छात्र ने यह लिखा पत्र में
प्रधानमंत्री जी, मैं राकेश जाटव कक्षा 6 प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर सादाबाद (हाथरस) उत्तर प्रदेश का छात्र हूं। मेरे पिताजी मजदूर हैं। मेरी मां नहीं हैं। अभी मेरी उम्र 11 वर्ष है। दो वर्ष पहले मेरी दोनों किडनी खराब हो गई थी।
विज्ञापन
इसके इलाज के लिए पिताजी ने चार बीघा जमीन बेच दी। अब हमारी स्थिति दयनीय है। मुझे पांचवें दिन डायलसिस के लिए आगरा जाना पड़ता है। बस पकड़ने के लिए गांव से पहले दो किमी तक मुझे पैदल चलना पड़ता है। हर बार डायलसिस में पांच हजार रुपये खर्च होते हैं।
विज्ञापन
डॉक्टर कहते हैं कि अब मैं चंद दिनों का ही हूं। अपने अंतिम समय में मोदी जी आपसे अपने जीवन के लिए गुहार करता हूं। कृपया मेरी मदद करें। मुझे किडनी दिला दीजिये।