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शिवाजी महाराज से गडकरी की तुलना: कांग्रेस बोली- टिप्पणी वापस लें राज्यपाल, NCP ने कहा- पद छोड़ें कोश्यारी
Thu, 24 Nov 2022 11:56 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 24 Nov 2022 11:56 PM IST
सार
राकांपा के वरिष्ठ नेता अजीत पवार ने कहा, राज्यपाल कोश्यारी अगर राज्य की भावनाओं और महान योद्धा शिवाजी महाराज को नहीं समझ सकते हैं, तो उन्हें अपना पद छोड़ने पर विचार करना चाहिए।
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महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी।
- फोटो : Twitter : @BSKoshyari
विस्तार
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज पर विवादित टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दरअसल, एक दिन पहले कोश्यारी ने कहा कि शिवाजी महाराज अब एक पुराने आदर्श बन गए हैं, अब आप बाबासाहेब अंबेडकर से लेकर नितिन गडकरी को नए आदर्श बना सकते हैं। रविवार को कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने राज्यपाल से अपनी टिप्पणियों को वापस लेने की मांग की। राज्यपाल के बयान के बाद खुद केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि हम अपने माता-पिता से ज्यादा छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रति वफादारी रखते हैं। गडकरी ने शिवाजी को भगवान भी करार दिया।
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इससे पहले कांग्रेस नेता नाना पटोले ने भाजपा से भी माफी की मांग करते हुए कहा दावा किया कि उसके नेता सुधांशु त्रिवेदी ने शिवाजी महाराज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, कांग्रेस महाराष्ट्र में वैचारिक स्वच्छता के लिए काम करेगी और वह समाज सुधारकों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी।
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गौरतलब है कि राज्यपाल कोश्यारी ने शनिवार को औरंगाबाद में एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और राकांपा प्रमुख शरद पवार को डी. लिट की उपाधि से नवाजा। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र के आदर्श लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज पुराने जमाने के आदर्श थे। अब आप बी.आर. अंबेडकर से लेकर नितिन गडकरी तक नए जमाने के आदर्श बना सकते हैं।
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पटोले ने यह भी दावा किया कोश्यारी ने ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के खिलाफ भी अपमानजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने शिवाजी महाराज पर टिप्पणियों के लिए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने यह कहकर छत्रपति शिवाजी महाराज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी कि उन्होंने (शिवाजी महाराज) मुगल बादशाह औरंगजेब से पांच बार माफी मांगी।
महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख ने आगे कहा, इसे सहन नहीं किया जाएगा। भाजपा को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी और राज्यपाल को वापस बुलाना होगा।
उधर, राकांपा के वरिष्ठ नेता अजीत पवार ने कहा, राज्यपाल कोश्यारी अगर राज्य की भावनाओं और महान योद्धा शिवाजी महाराज को नहीं समझ सकते हैं, तो उन्हें अपना पद छोड़ने पर विचार करना चाहिए।
पवार ने एक बयान जारी कर कर कहा, यह कोश्यारी के लिए राज्य के राज्यपाल के रूप में बने रहने पर पुनर्विचार करने का समय है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता पवार ने कहा, छत्रपति शिवाजी महाराज लोगों के कल्याण के लिए एक महान रोल मॉडल थे न कि स्वार्थ के लिए। इन आदर्शों ने महाराष्ट्र को प्रेरित किया है और हमेशा ऐसा करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोश्यारी की टिप्पणी का भी संज्ञान लेना चाहिए।