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सुझाव: कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए 51 करोड़ लोगों को ही लगानी होगी वैक्सीन- डॉ. देवी शेट्टी

Sun, 16 May 2021 12:02 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रियंका तिवारी Updated Sun, 16 May 2021 12:02 PM IST
सार

डॉक्टर शेट्टी ने कोरोना की तीसरी लहर से बचने के तरीकों व प्रभावी तरीके से टीकाकरण किए जाने पर सुझाव दिया।

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Chairman of Narayana Health Dr. Devi Shetty said that To avoid the third wave of Corona only 51 crore people have to be vaccinated
टीकाकरण - फोटो : पेक्सेल्स

विस्तार

भारत को यदि आने वाले दो-तीन महीने में कोरोना की तीसरी लहर से बचना है तो उसे 51 करोड़ लोगों का टीकाकरण करना होगा। कोरोना के खिलाफ टीकाकरण ही एकमात्र सस्ता और प्रभावी समाधान है। इस महामारी के खिलाफ ऐसा नहीं है कि हमें सबका टीकाकरण करना होगा बल्कि केवल 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण करके भी कोरोना को हराया जा सकता है। कोरोना काल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भारी कमी है। देश में डेढ़ लाख के करीब कुशल डॉक्टर हैं जो फिलहाल किसी भी अस्पताल में काम नहीं कर रहे हैं। ये डॉक्टर घर बैठकर नीट की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा विदेशों से एमबीबीएस किए 80 हजार डॉक्टर ऐसे हैं जो भारत में प्रैक्टिस नहीं कर सकते। डॉक्टरों के अलावा लाखों ऐसी नर्सें हैं जिन्होंने अपनी शिक्षा पूरी कर ली है, लेकिन वे कहीं काम नहीं कर रही हैं। हमें इन लोगों को प्रोत्साहित करना होगा ताकि वे कोरोना काल में देश की मदद के लिए आगे आएं। ये कहना है नारायण हेल्थ के चेयरमैन डॉक्टर देवी शेट्टी का, जो मेडिकल ऑक्सीजन के वितरण के लिए एक वैज्ञानिक तंत्र तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त राष्ट्रीय टास्क फोर्स के सदस्य हैं।

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डॉक्टरों और नर्सों की कमी को खत्म करने पर दिया जोर
एक समाचार चैनल के साथ साक्षात्कार के दौरान डॉक्टर शेट्टी ने कोरोना की तीसरी लहर से बचने के तरीकों के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि भारत को तत्काल ऐसे डॉक्टरों और नर्सों की कमी को पूरा करने की जरूरत है, जो कोरोना मरीजों की बेहतर देखभाल कर सकें। यदि कोरोना मरीजों की बेहतर देखभाल हो जाए तो लोगों के मरने की दर काफी कम हो जाएगी। डॉ. शेट्टी ने कहा, 'भारत एक बड़ी आबादी वाला देश है, जिसके पास संसाधन भी उचित मात्रा में है। हमें केवल 51 करोड़ लोगों का टीकाकरण करना है। हम 18 से कम उम्र वाले लोगों की गिनती नहीं कर रहे क्योंकि अभी इस उम्र सीमा के लोगों को वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है। वहीं, 13 करोड़ लोगों को कोरोना टीके की पहली डोज दी जा चुकी है। ऐसे में 51 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने का खर्च 70 हजार करोड़ रुपये से कम आएगा।' 
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वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने को लेकर अपनी बात रखी
डॉ. शेट्टी ने सुझाव देते हुए कहा कि भारत यदि विश्व के शीर्ष वैक्सीन निर्माताओं को 10 हजार करोड़ रुपये एडवांस दे दे तो वे वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए सब कुछ करेंगे। 70 हजार करोड़ की रकम भारत जैसे देश के लिए कुछ भी नहीं है क्योंकि हमारी जीडीपी 200 लाख करोड़ की है। डॉक्टर शेट्टी के अनुसार कोरोना की पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर में बच्चे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यदि बच्चों में वायरस फैला तो यह बेहद ही घातक होगा क्योंकि अभी 18 साल से कम उम्र के लोगों को वैक्सीन नहीं दी जा रही है। उन्हहोंने कहा, 'हमारा मानना है कि उन्हें भी खतरा है और हमें इस पर जल्द से जल्द एक्शन लेना होगा।' इसके अलावा डॉक्टर शेट्टी ने वैक्सीन की राज्यवार खरीद की जगह केंद्रीकृत खरीद का समर्थन करते हुए कहा है कि यदि केंद्र स्तर पर वैक्सीन की खरीद की जाए तो जाहिर है कि वैक्सीन की कीमत वह नहीं रहेगी जो फिलहाल है।

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