गौरक्षकों को मोदी सरकार की दो टूक, कहा- ऐसे लोगों की देश में जगह नहीं
मोदी सरकार ने गौरक्षकों को बड़ा झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट में कहा कि ऐसे लोगों की देश में कोई जगह नहीं है। हम गाय के नाम पर हिंसा का समर्थन नहीं करते, एेसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में समाज सेवक तहसीन पूनावाला की जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही थी। जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों को गौरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई थी।
गोरक्षा के नाम पर देश के कई हिस्सों में हो रही हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तल्ख टिप्पणी की थी। मानसून सत्र से एक दिन पहले सर्वदलीय बैठक में पीएम ने कहा था, कुछ असामाजिक तत्वों ने गोरक्षा को अराजकता फैलाने का माध्यम बना लिया है।
उन्होंने कहा था देश में सौहार्द बिगाड़ने वाले इसका लाभ उठा रहे हैं। इससे देश की छवि प्रभावित हो रही है। इस तरह की गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी दलों को इसकी भर्त्सना करनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकारों को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने की सलाह दी।
गौरक्षकों को पीएम मोदी की चेतावनी
उन्होंने 29 जून को साबरमती आश्रम से भी गोरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी करने वालों को कड़ी चेतावनी दी थी। पीएम ने कहा, गाय को हमारे यहां मां माना जाता है। लोगों की भावनाएं गाय से जुड़ी हुई हैं। लेकिन हमें यह याद रखना होगा कि गाय की रक्षा के लिए कानून है और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का हक नहीं है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था राज्य की जिम्मेदारी है। राज्यों को ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। यह भी देखना चाहिए कि क्या इस बहाने कुछ लोग व्यक्तिगत दुश्मनी तो नहीं निकाल रहे।