रक्षा मंत्रालय के पूर्व अधिकारी ने PM मोदी के खिलाफ दायर की भ्रष्टाचार की याचिका, हुई खारिज
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अदालत ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भ्रष्टाचार के कथित आरोपों की जांच सीबीआई से करवाने के मुददे पर दायर याचिका खारिज कर दी। यह याचिका रक्षा मंत्रालय के बर्खास्त अधिकारी ने दायर की थी।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश वीरेन्द्र कुमार गोयल ने अपने फैसले में कहा कि दायर याचिका में न तो प्रधानमंत्री पर किसी भी प्रकार से रिश्वत लेने का आरोप है न ही कोई बहुमूल्यवान वस्तु लेने का।
अदालत ने कहा पूरी शिकायत में आरोपों की प्रकृति केवल यही है कि प्रधान मंत्री भ्रष्टाचार अधिनियम के मामलों में कार्रवाई करने में नाकाम रहे हैं। अदालत ने कहा उनकी नजर में यह याचिका विचार योग्य ही नहीं है।
याचिका रक्षा मंत्रालय के अधिकारी रहे केएन मंजूनाथ ने दायर की थी
यह याचिका रक्षा मंत्रालय के अधिकारी रहे केएन मंजूनाथ ने दायर की थी। मंजूनाथ को अनुशासनात्मक कार्यवाही के बाद बर्खास्त कर दिया गया था।
याची ने अपने मामले को लेकर केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इतना ही ट्रिब्यूनल ने एम्स के निदेशक को उनकी मानसिक स्थिति जांचने का आदेश दिया था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उन्होंने रक्षा मंत्रालय और एयर मुख्यालय में संबंधित अधिकारियों की भ्रष्ट गतिविधियों को प्रधानमंत्री कार्यालय के नोटिस में लाए थे। बावजूद इसके प्रधानमंत्री कार्यालय कोई भी कार्रवाई करने में असफल रहा है।
याची ने यह भी दावा किया कि वे रक्षा मंत्रालय व वायु मुख्यालय में तैनात थे और वहां कोई भी कानून के नियम का पालन नहीं किया गया।