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वीबी-जी राम जी योजना: केंद्र का 95,692 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि देने का एलान, यूपी को सबसे ज्यादा फंड मिलेगा
Wed, 10 Jun 2026 12:10 AM IST
नितिन गौतम
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 10 Jun 2026 12:10 AM IST
सार
केंद्र सरकार ने वीबी जी राम जी योजना के लिए 95 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की अंतरिम राशि जारी करने का एलान किया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नई योजना के मसौदा नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीण रोजगार और विकास कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान न आए, इसके लिए अंतरिम आवंटन किया गया है।
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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्र सरकार ने मंगलवार को विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) योजना के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 95,692 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि आवंटित करने की घोषणा की। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ किया कि इस नई व्यवस्था में किसी भी राज्य के फंड में कोई कटौती नहीं की जाएगी। राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नई योजना के मसौदा नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीण रोजगार और विकास कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान न आए, इसके लिए अंतरिम आवंटन किया गया है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'हम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) से विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) की ओर बिना किसी परेशानी के बढ़ रहे हैं। श्रमिकों को काम मिलने में एक दिन का भी अंतर नहीं आने दिया जाएगा।' उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार पहले ही मनरेगा के तहत 30,000 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। इसके अलावा आज 95,692 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी की गई है। इस तरह कुल आवंटन 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
केंद्रीय मंत्री ने दी अहम जानकारी
पश्चिम बंगाल के संबंध में चौहान ने कहा कि राज्य की नव निर्वाचित सरकार ने लिखित रूप से केंद्र को सूचित किया है कि वह केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पालन करने के लिए तैयार है। जब उनसे पूछा गया कि पश्चिम बंगाल को दिए गए 8,508 करोड़ रुपये में मनरेगा के लंबित बकाये भी शामिल हैं या नहीं, तो उन्होंने कहा कि पुराने बकाये से जुड़े विवाद अभी सुलझे नहीं हैं। चौहान ने बताया कि 30 जून तक की अवधि के लिए मौजूदा व्यवस्था के तहत पश्चिम बंगाल को लगभग 700 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि दी गई है, जबकि VB-G RAM G योजना के तहत नया आवंटन जुलाई से लागू होगा।
वीबी-जी राम जी योजना को लेकर विपक्ष जता चुका नाराजगी
भाजपा नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने अपने व्यापक ग्रामीण विकास एजेंडे के तहत मनरेगा की जगह VB-G RAM G योजना लागू करने की घोषणा की है। केंद्र का कहना है कि नई योजना में रोजगार गारंटी का प्रावधान बरकरार रहेगा, साथ ही ग्रामीण परिसंपत्तियों और बुनियादी ढांचे के निर्माण में अधिक लचीलापन मिलेगा। हालांकि कांग्रेस और वाम दलों समेत विपक्षी पार्टियों ने इस कदम की आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि इससे मनरेगा के तहत मिलने वाली कानूनी गारंटी कमजोर होगी और ग्रामीण श्रमिकों की सुरक्षा में कमी आएगी। सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि संक्रमण प्रक्रिया के दौरान और उसके बाद भी श्रमिकों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
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शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'हम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) से विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) की ओर बिना किसी परेशानी के बढ़ रहे हैं। श्रमिकों को काम मिलने में एक दिन का भी अंतर नहीं आने दिया जाएगा।' उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार पहले ही मनरेगा के तहत 30,000 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। इसके अलावा आज 95,692 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी की गई है। इस तरह कुल आवंटन 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
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केंद्रीय मंत्री ने दी अहम जानकारी
- ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, अंतरिम आवंटन में उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा 9,721.48 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल को 8,508 करोड़ रुपये, आंध्र प्रदेश को 7,707.21 करोड़ रुपये, तमिलनाडु को 7,585.49 करोड़ रुपये, राजस्थान को 7,581.87 करोड़ रुपये और बिहार को 6,715.83 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- राज्यों के लिए कुल 92,550.17 करोड़ रुपये और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 1,291.52 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा केंद्रीय प्रशासन और सोशल ऑडिट के लिए 1,850.62 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं, जिससे कुल राशि 95,692.31 करोड़ रुपये हो जाती है।
- चौहान ने कहा कि राज्यों के अनिवार्य अंशदान को जोड़ने के बाद इस योजना का कुल वार्षिक बजट लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये होगा। विपक्षी दलों और श्रमिक संगठनों द्वारा जताई जा रही आशंकाओं को खारिज करते हुए मंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य के आवंटन में कमी नहीं की गई है। यह अंतरिम राशि पिछले वर्ष मनरेगा के तहत हुए खर्च के आधार पर तय की गई है।
- उन्होंने बताया कि नई योजना को लागू करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं 26 राज्यों ने पूरी कर ली हैं, जबकि झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और मिजोरम में अभी कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं। हालांकि इन राज्यों के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया और जल्द सभी प्रक्रियाएं पूरी करने का भरोसा दिया।
- उन्होंने बताया कि योजना के तहत कामों का चयन ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं के माध्यम से किया जाएगा तथा उन्हीं प्रस्तावों के आधार पर अंतिम स्वीकृति दी जाएगी। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि 1 जुलाई तक मनरेगा के तहत रोजगार सृजन और मजदूरी भुगतान में किसी प्रकार की कमी या बाधा नहीं आनी चाहिए।
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पश्चिम बंगाल के संबंध में चौहान ने कहा कि राज्य की नव निर्वाचित सरकार ने लिखित रूप से केंद्र को सूचित किया है कि वह केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पालन करने के लिए तैयार है। जब उनसे पूछा गया कि पश्चिम बंगाल को दिए गए 8,508 करोड़ रुपये में मनरेगा के लंबित बकाये भी शामिल हैं या नहीं, तो उन्होंने कहा कि पुराने बकाये से जुड़े विवाद अभी सुलझे नहीं हैं। चौहान ने बताया कि 30 जून तक की अवधि के लिए मौजूदा व्यवस्था के तहत पश्चिम बंगाल को लगभग 700 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि दी गई है, जबकि VB-G RAM G योजना के तहत नया आवंटन जुलाई से लागू होगा।
वीबी-जी राम जी योजना को लेकर विपक्ष जता चुका नाराजगी
भाजपा नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने अपने व्यापक ग्रामीण विकास एजेंडे के तहत मनरेगा की जगह VB-G RAM G योजना लागू करने की घोषणा की है। केंद्र का कहना है कि नई योजना में रोजगार गारंटी का प्रावधान बरकरार रहेगा, साथ ही ग्रामीण परिसंपत्तियों और बुनियादी ढांचे के निर्माण में अधिक लचीलापन मिलेगा। हालांकि कांग्रेस और वाम दलों समेत विपक्षी पार्टियों ने इस कदम की आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि इससे मनरेगा के तहत मिलने वाली कानूनी गारंटी कमजोर होगी और ग्रामीण श्रमिकों की सुरक्षा में कमी आएगी। सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि संक्रमण प्रक्रिया के दौरान और उसके बाद भी श्रमिकों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।