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MHA: मणिपुर हिंसा की जांच कर रहे तीन सदस्यीय आयोग की समयसीमा बढ़ी, अब 20 नवंबर तक केंद्र को देनी होगी रिपोर्ट

Tue, 20 May 2025 07:09 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 20 May 2025 07:09 PM IST
सार

MHA: केंद्र सरकार ने मणिपुर हिंसा की जांच कर रहे तीन सदस्यीय आयोग की समयसीमा एक बार फिर बढ़ा दी है आयोग को 20 नवंबर 2025 तक केंद्र को रिपोर्ट देनी होगी। आयोग का गठन 4 जून 2023 को किया गया था।

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Centre again extends tenure of 3-member panel probing Manipur violence
मणिपुर हिंसा - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

केंद्र सरकार ने मणिपुर हिंसा की जांच कर रहे तीन सदस्यीय आयोग का समय एक बार फिर बढ़ा दिया है। अब आयोग को अपनी रिपोर्ट 20 नवंबर 2025 तक केंद्र को सौंपनी होगी। 
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यह आयोग गुवाहाटी हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अजय लांबा की अध्यक्षता में 4 जून 2023 को गठित हुआ था। आयोग में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हिमांशु शेखर दास और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अलोका प्रभाकर भी शामिल हैं। आयोग को मणिपुर में 3 मई 2023 को शुरू हुई हिंसा की जड़, फैलाव और जिम्मेदार पक्षों की जांच करनी है।
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कितनी बार बढ़ाया गया आयोग का समय 
केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) की अधिसूचना के मुताबिक, आयोग को पहली बार 6 महीने में रिपोर्ट देनी थी, लेकिन अब तक दो बार समय बढ़ाया जा चुका है। पिछली बार आयोग को 20 मई 2025 तक का समय मिला था, जो अब बढ़ाकर 20 नवंबर 2025 कर दिया गया है।


आयोग क्या जांच करेगा 
यह तीन सदस्यीय आयोग हिंसा से जुड़े घटनाक्रमों की कड़ी, प्रशासन की लापरवाही और उठाए गए कदमों की पर्याप्तता की जांच करेगा। व्यक्तियों या संगठनों की शिकायतों पर भी आयोग सुनवाई कर सकेगा। 

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मणिपुर हिंसा कहां से शुरू हुई
3 मई 2023 को मणिपुर में उस वक्त हिंसा भड़की, जब कुकी-जो आदिवासी समुदाय ने मेतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की सिफारिश के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस हिंसा में अब तक 260 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। कई घरों में आग लगने की घटनाएं भी सामने आईं। एन.बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है।  13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लगाया गया। मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं और शांति बहाली की कोशिशों में जुटे हैं। भल्ला पूर्व में केंद्रीय गृह सचिव रह चुके हैं।

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