{"_id":"6973a3a243cd03b34e0acf7f","slug":"central-secretary-ashok-kumar-inspected-drinking-water-scheme-issu-instructions-to-make-committees-functional-2026-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: केंद्रीय सचिव अशोक कुमार ने पेयजल योजना का किया निरीक्षण, समितियों को क्रियाशील बनाने के निर्देश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
UP: केंद्रीय सचिव अशोक कुमार ने पेयजल योजना का किया निरीक्षण, समितियों को क्रियाशील बनाने के निर्देश
Fri, 23 Jan 2026 10:06 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Fri, 23 Jan 2026 10:06 PM IST
सार
चांद सराय ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना का भारत सरकार के सचिव अशोक कुमार मीना ने निरीक्षण किया। उन्होंने ट्यूबवेल, ओएचटी, वितरण प्रणाली, 486 एफएचटीसी, सोलर प्लांट और स्वचालन व्यवस्था का जायजा लिया। सचिव ने गुणवत्ता पर संतोष जताया, ग्रामीणों से संवाद किया और योजना को आदर्श बताया।
विज्ञापन
केंद्र सरकार के सचिव अशोक कुमार मीना ने किया निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत सरकार की ओर से आए सचिव सचिव अशोक कुमार मीना ने उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), लखनऊ के अंतर्गत विकासखंड गोसाईगंज की चांद सराय ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सचिव ने योजना के विभिन्न घटकों का विस्तार से जायजा लिया और कार्यों की प्रगति व गुणवत्ता का आकलन किया।
निरीक्षण के समय योजना के तहत निर्मित एक ट्यूबवेल, एक पम्प हाउस, एक ओवरहेड टैंक (OHT), 6.245 किलोमीटर लंबी वितरण प्रणाली, 486 फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन 17.50 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट, एक डीजी सेट तथा क्लोरीनेशन और एससीएडीए आधारित स्वचालन प्रणाली का गहन अवलोकन किया गया। सचिव ने तकनीकी व्यवस्थाओं और स्वच्छ संचालन व्यवस्था की सराहना की।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निरीक्षण के उपरांत परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान सचिव ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जल और प्रकृति का संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है। वृक्षारोपण से परियोजना की पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी स्पष्ट होती है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- एल्गार परिषद-माओवाद संबंध मामले बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला, दो और आरोपियों को दी जमानत
ग्रामीणों से संवाद
इस अवसर पर सचिव ने एफएचटीसी से लाभान्वित महिलाओं, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों, ग्राम प्रधान तथा पम्प ऑपरेटर से संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर जल के विवेकपूर्ण, संतुलित और न्यायसंगत उपयोग के बारे में मार्गदर्शन दिया। साथ ही पेयजल का उपयोग पीने और भोजन पकाने जैसी आवश्यक जरूरतों के लिए प्राथमिकता से करने पर बल दिया।
योजना को बताया आदर्श
सचिव ने योजना की कार्य गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता और सुव्यवस्थित परिसर पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे एक उत्कृष्ट और आदर्श ग्रामीण जलापूर्ति योजना बताया। उन्होंने जल निगम (ग्रामीण), लखनऊ के कार्यों की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी इसी तरह उच्च मानकों के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का मार्गदर्शन दिया। उल्लेखनीय है कि इस योजना की कुल लागत 260.95 लाख रुपये है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और सतत पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
निरीक्षण के समय योजना के तहत निर्मित एक ट्यूबवेल, एक पम्प हाउस, एक ओवरहेड टैंक (OHT), 6.245 किलोमीटर लंबी वितरण प्रणाली, 486 फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन 17.50 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट, एक डीजी सेट तथा क्लोरीनेशन और एससीएडीए आधारित स्वचालन प्रणाली का गहन अवलोकन किया गया। सचिव ने तकनीकी व्यवस्थाओं और स्वच्छ संचालन व्यवस्था की सराहना की।
विज्ञापन
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निरीक्षण के उपरांत परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान सचिव ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जल और प्रकृति का संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है। वृक्षारोपण से परियोजना की पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी स्पष्ट होती है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- एल्गार परिषद-माओवाद संबंध मामले बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला, दो और आरोपियों को दी जमानत
ग्रामीणों से संवाद
इस अवसर पर सचिव ने एफएचटीसी से लाभान्वित महिलाओं, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों, ग्राम प्रधान तथा पम्प ऑपरेटर से संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर जल के विवेकपूर्ण, संतुलित और न्यायसंगत उपयोग के बारे में मार्गदर्शन दिया। साथ ही पेयजल का उपयोग पीने और भोजन पकाने जैसी आवश्यक जरूरतों के लिए प्राथमिकता से करने पर बल दिया।
योजना को बताया आदर्श
सचिव ने योजना की कार्य गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता और सुव्यवस्थित परिसर पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे एक उत्कृष्ट और आदर्श ग्रामीण जलापूर्ति योजना बताया। उन्होंने जल निगम (ग्रामीण), लखनऊ के कार्यों की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी इसी तरह उच्च मानकों के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का मार्गदर्शन दिया। उल्लेखनीय है कि इस योजना की कुल लागत 260.95 लाख रुपये है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और सतत पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन