भीड़ हिंसा पर गृह मंत्रालय का जवाब, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी हो चुकी है एडवाइजरी
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गृह मंत्रालय ने भीड़ हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों पर लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में लिखित उत्तर दिया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लिखित जवाब में कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) भीड़ के संबंध में डेटा का रखरखाव नहीं करता है।
उन्होंने कहा कि केंद्र 2018 में राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को भीड़ हिंसा पर रोक लगाने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए एडवाइजरी जारी कर चुकी है। सरकार ऑडियो विजुअल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को जागरुक कर रही है।
उन्होंने कहा, हालांकि, गृह मंत्रालय समय-समय पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी करती रही है जिससे कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के अनुसार दंडित किया जा सके। इसको लेकर 23 जुलाई 2018, और 25 सितंबर 2018 को सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की जा चुकी है।
Ministry of Home Affairs in Lok Sabha on Supreme Court guidelines regarding mob lynching: Centre had issued advisories to state governments and administration of Union Territories to take steps to curb mob lynching.Government also sensitized people through audio visual media.
— ANI (@ANI) November 19, 2019
राय ने कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 4 जुलाई 2018 को एक एडवाइजरी जारी की गई थी ताकि झूठे समाचार, अफवाह फैलाने और हिंसा को उकसाने वालों पर निगरानी रखी जा सके और कानून अपने हाथ में लेने वाले व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
राय ने कहा कि इसके अलावा, मंत्रालय ने 9 अगस्त 2016 को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की थी कि गाय की सुरक्षा के नाम पर कानून को अपने हाथों में लेने वाले उपद्रवियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए।