फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Central Government filed an affidavit in the SC connection with lifetime ban on politicians

दागी सांसदों-विधायकों की राजनीति अब खतरे में, मामले के निपटारे के लिए 12 स्पेशल कोर्ट बनाएगी सरकार

Tue, 12 Dec 2017 09:24 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 12 Dec 2017 09:24 PM IST
विज्ञापन
Central Government filed an affidavit in the SC connection with lifetime ban on  politicians
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : SOCIAL MEDIA

दागी सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे के लिए केंद्र सरकार 12 विशेष अदालतों का गठन करेगी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि विशेष अदालतों के गठन करने की स्कीम तैयार कर ली गई है और वित्त मंत्रालय की ओर से इसके फंड को हरी झंडी दे दी गई है। एडीआर के मुताबिक, वर्ष 2014 के आम चुनाव के वक्त 1581 सांसद व विधायकों पर करीब 13500 आपराधिक मामले लंबित थे। 

विज्ञापन


गत एक नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने दागी सांसद और विधायकों के खिलाफ लंबित मुकदमों को एक वर्ष के भीतर निपटाने को देश हित में बताते हुए विशेष अदालतों का गठन करने के लिए कहा था।
विज्ञापन

 
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र सरकार ने हलफनामा दायर कर कहा है कि फिलहाल एक वर्ष के लिए 12 विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा। जरूरत के हिसाब से और विशेष अदालत केगठन पर विचार किया जाएगा। इसकेलिए 7.80 करोड़ रुपये के खर्च आएगा और गत आठ दिसंबर को वित्त मंत्रालय ने इसकी मंजूरी दे दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


 J&K: सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू अल्पसंख्यक मामले की सुनवाई को 8 हफ्तों के लिए टाला

सरकार ने कहा है कि देशभर में कितने सांसद और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे लंबित है, इसका पता लगाने के लिए और वक्त की दरकार है। सरकार ने कहा कि हर तिमाही इस संबंध में रिपोर्ट पेश की जाएगी। साथ ही सरकार ने यह भी कहा कि वह यह भी बताएगी एक वर्ष में इस तरह केकितने मुकदमों का निपटारा किया गया। 


गत एक नवंबर को न्यायमूर्ति रंजन गोगई और नवीन गुप्ता की पीठ ने केंद्र सरकार से कहा था कि वह केंद्रीय योजना के तहत दागी सांसद और विधायकों के खिलाफ लंबित मुकदमों को निपटाने के लिए विशेष अदालतों का गठन करें। पीठ ने फास्ट ट्रैक कोर्ट की तर्ज पर इन विशेष अदालतों का गठन करने केलिए कहा था। केंद्र सरकार को छह हफ्ते के भीतर स्कीम तैयार कर यह बताने के लिए कहा गया था कि इसकेलिए गठन को कितने फंड की दरकार है। वास्तव में सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि उपलब्ध आंकड़े के तहत वर्ष 2014 में 1581 सांसद व विधायकों के खिलाफ साढ़े 13 हजार आपराधिक मामले लंबित है। देश के करीब 17 हजार निचली अदालतें हैं। हर अदालत में औसतन 4200 मामले लंबित हैं। 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा विधायिका को कानून बनाने को नहीं कह सकते 

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए जाने व्यक्ति पर आजीवन चुनाव लडने पर पाबंदी लगाने की गुहार की गई है। जहां चुनाव आयोग ऐसे लोगों पर आजीवन चुनाव लडने पर पाबंदी लगाने केपक्ष में है।वहीं केंद्र सरकार ऐसे लोगों पर आजीवन चुनाव लडने पर प्रतिबंध के खिलाफ है। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed