{"_id":"6aa4da2ae9e25b18820c49fd","slug":"cec-gyanesh-kumar-says-india-electoral-process-among-most-transparent-in-world-2026-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"'भारत की चुनाव प्रक्रिया सबसे पारदर्शी': मतदाता सूची से मतगणना तक हर कदम पर पैनी नजर, सीईसी ने और क्या कहा?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
'भारत की चुनाव प्रक्रिया सबसे पारदर्शी': मतदाता सूची से मतगणना तक हर कदम पर पैनी नजर, सीईसी ने और क्या कहा?
Sat, 12 Sep 2026 10:20 AM IST
अमन तिवारी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Sat, 12 Sep 2026 10:20 AM IST
सार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भारत की चुनावी प्रक्रिया को दुनिया की सबसे पारदर्शी प्रणालियों में से एक बताया है। अहमदाबाद में उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के निर्माण से लेकर मतदान और मतगणना तक, हर चरण में राजनीतिक दलों और उनके एजेंटों की सीधी निगरानी रहती है। इसी व्यवस्था के चलते भारत की चुनाव प्रणाली दुनिया में सबसे पारदर्शी बन जाती है।
विज्ञापन
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि भारत की चुनावी प्रक्रिया दुनिया की सबसे पारदर्शी प्रणालियों में से एक है। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची तैयार करने से लेकर वोटों की गिनती तक, हर एक कदम पर पूरी जांच-पड़ताल की जाती है। वह शुक्रवार को गुजरात यूनिवर्सिटी के अटल कलाम हॉल में आयोजित 'बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ संवाद' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत की चुनाव प्रक्रिया के हर चरण में राजनीतिक दल, प्रत्याशी या उनके प्रतिनिधि लगातार निगरानी और सत्यापन का काम करते हैं। इसी वजह से हमारी चुनाव प्रक्रिया इतनी पारदर्शी है। मतदाता सूचियों की लगातार जांच में राजनीतिक दलों और उनके बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) की भी पूरी भागीदारी होती है।
विज्ञापन
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि बीएलओ की यह मुख्य जिम्मेदारी है कि वे अनुपस्थित, दूसरी जगह चले गए, मृत, दोहरे नाम और विदेशी (एएसडीडीएफ) मतदाताओं की पहचान करें। साथ ही वे यह सुनिश्चित करें कि हर पात्र व्यक्ति का नाम सूची में बना रहे। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले हर पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में जरूर दर्ज होना चाहिए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल: नंदीग्राम और रेजीनगर से कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए उतारे उम्मीदवार, किन चेहरों पर लगाया दांव?
मतदान की पारदर्शिता का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वोटिंग शुरू होने से पहले प्रत्याशियों के पोलिंग एजेंटों की मौजूदगी में 'मॉक पोल' कराया जाता है, जिसमें ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की बारीकी से जांच होती है। मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम से जुड़ी तमाम प्रक्रियाएं एजेंटों के सामने पूरी होती हैं और जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए जाते हैं। इसी तरह मतगणना के दिन भी काउंटिंग एजेंटों के सामने फॉर्म 17सी में दर्ज आंकड़ों का ईवीएम में दर्ज वोटों से मिलान किया जाता है।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और सटीक बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग समय-समय पर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाता है। इसके तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से मिलते हैं और जरूरी दस्तावेजों, मैपिंग व सुनवाई के आधार पर सूची को दुरुस्त करते हैं। उन्होंने बीएलओ से अपील की कि वे अपने इलाकों में 18 साल के नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए हमेशा सक्रिय रहें, क्योंकि यह देश के लोकतंत्र की सबसे बड़ी सेवा है।
ये भी पढ़ें: एमसीयू में विवेकानंद पर विशेष उद्बोधन: मुकुल कानिटकर बोले- युवा शिकायत नहीं, समस्याओं का समाधान देता है
अहमदाबाद में 'इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) और ईसीआईएनईटी' पर आयोजित 5वें क्षेत्रीय सम्मेलन में ज्ञानेश कुमार ने 1,000 से अधिक सदस्यों, नोडल अधिकारियों, कैंपस एंबेसडर और बीएलओ से संवाद किया। उन्होंने युवाओं से 'ईसीआईएनईटी' ऐप डाउनलोड करने और अपने आस-पड़ोस के लोगों के नाम सूची में जुड़वाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि स्कूलों-कॉलेजों में चलने वाले ईएलसी क्लब युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत इस समय 35 बड़े लोकतांत्रिक देशों के संगठन 'इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस' (इंटरनेशनल आईडीईए) की अध्यक्षता कर रहा है। यह सम्मान दिखाता है कि दुनिया भारत की स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था का लोहा मानती है। उन्होंने सभी पात्र नागरिकों से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और मतदान के दिन वोट डालकर अपना फर्ज निभाने की अपील की।