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कोरोना के खिलाफ जंग: भारत में दो और वैक्सीन को मिली मंजूरी, एक एंटी-कोरोना दवा को भी आपात इस्तेमाल की अनुमति
Tue, 28 Dec 2021 11:42 AM IST
प्रशांत कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Tue, 28 Dec 2021 11:42 AM IST
सार
भारत में लंबे समय से अटकी पड़ी कोरोना वैक्सीन कोवोवैक्स और कोर्बेवैक्स को आपात स्थिति के लिए मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही एंटी वायरल दवा को भी यूज करने की अनुमति दी गई है। इससे पहले देश में रूस की स्पुतनिक वी और अमेरिका की फाइजर कंपनी द्वारा बनाई गई कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दी जा चुकी है।
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कोरोना टीका
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
भारत में कोरोना के दो और वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने कोवोवैक्स और कोर्बीविकेस को आपात स्थिति के लिए मंजूरी दी है। इसके अलावा एंटीवायरल दवा Molnupiravir को भी मंजूरी दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है।
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स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने कहा कि कॉर्बेवैक्स वैक्सीन भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित RBD प्रोटीन सब-यूनिट वैक्सीन है। इसे हैदराबाद स्थित फर्म बायोलॉजिकल-ई में बनाया गया है। यह भारत में विकसित हुआ तीसरा टीका है। वहीं, कोवोवैक्स का निर्माण पुणे स्थित फर्म सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा किया जाएगा।
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Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) under the Ministry of Health and Family Welfare has given emergency use authorization approval to COVID19 vaccines Covovax & Corbevax and Anti-viral drug Molnupiravir, says Health Minister Dr Mansukh Mandaviya. pic.twitter.com/RC22KhRBCQ
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 28, 2021
इन वैक्सीनों को मिल चुकी हैं मंजूरी
बता दें कि भारत में अभी तक कोरोना की आठ वैक्सीन को मंजूरी मिल चुकी है। इसमें भारत की स्वदेशी निर्मित वैक्सीन कोविडशील और कोवाक्सिन भी शामिल हैं। भारत में सबसे ज्यादा कोविडशील की खुराकें लगाई गई हैं। इस दोनों वैक्सीन को विश्व स्वास्थ संगठन की ओर से भी मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा भारत में रूस की स्पुतनिक वी, स्पुतनिक लाइट, अमेरिकी की फाइजर की कोरोना वैक्सीन और जॉनसन एंड जॉनसन को भी आपात स्थिति के लिए अनुमति दी जा चुकी है। इसके अलावा जायडस कैडिला वैक्सीन की खुराक भी लोग ले रहे हैं।
3 जनवरी से 15 से 18 साल के बच्चों को भी टीका
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की दहशत के बीच भारत में 15 से 18 साल की उम्र के बच्चों को भी कोरोना टीका लगाया जाएगा। तीन जनवरी से बच्चों को कोरोना टीका लगाया जाएगा। इसके लिए 1 जनवरी से कोविन एप पर बच्चे टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। संभावना है कि बच्चों को भारत बायोटेक की कोवाक्सिन का टीका लगाया जाएगा। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने बच्चों के लिए कोवाक्सिन को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है।
तेजी से फैल रहा ओमिक्रॉन
देश में ओमिक्रॉन का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। एक दिन में सबसे ज्यादा 135 मामले दर्ज हुए हैं, जिससे कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 670 हो गई। सोमवार को गोवा और मणिपुर में भी ओमिक्रॉन ने दस्तक दे दी। दोनों राज्यों में कल एक-एक मरीज मिले। ओमिक्रॉन अब तक 21 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में फैल गया है।