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CDS: 'रक्षा क्षेत्र में भारत का आत्मनिर्भरता का प्रयास महत्वपूर्ण', सिनर्जी मीट में बोले सीडीएस चौहान
Fri, 21 Jun 2024 11:49 PM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Fri, 21 Jun 2024 11:49 PM IST
सार
सीडीएस चौहान शुक्रवार को पहली सशस्त्र बल बीईएमएल सिनर्जी मीट 2024 को संबोधित कर रहे थे। सीडीएस जनरल चौहान ने सैन्य आधुनिकीकरण के लिए सरकार के एजेंडे के अनुरूप तालमेल हासिल करने के लिए संयुक्त एकीकरण के महत्व पर जोर दिया।
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सीडीएस अनिल चौहान
- फोटो : ANI
विस्तार
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल (सीडीएस) अनिल चौहान ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक स्वतंत्रता हासिल करने के लिए भारत का रक्षा स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भरता का प्रयास महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, आत्मनिर्भरता की अवधारणा रक्षा उत्पादन में स्वायत्तता प्राप्त करने और एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने के हमारे उद्देश्य को रेखांकित करती है, जो भारत को एक अग्रणी वैश्विक रक्षा निर्यातक के रूप में स्थापित करता है।
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रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सीडीएस चौहान शुक्रवार को पहली सशस्त्र बल बीईएमएल सिनर्जी मीट 2024 को संबोधित कर रहे थे। सीडीएस जनरल चौहान ने सैन्य आधुनिकीकरण के लिए सरकार के एजेंडे के अनुरूप तालमेल हासिल करने के लिए संयुक्त एकीकरण के महत्व पर जोर दिया।
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कार्यक्रम का उद्देश्य रक्षा में आत्मनिर्भरता को मजबूत करना रहा
कार्यक्रम काउद्देश्य निकट भविष्य में सैन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए समझ को गहरा करना के साथ ही अत्याधुनिक समाधान प्रदान करना और रक्षा में 'आत्मनिर्भरता' को और मजबूत करना था। इस आयोजन ने खुली बातचीत और बीईएमएल और सशस्त्र बलों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया।
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कार्यक्रम में ये अधिकारी हुए शामिल
बैठक ने भविष्य के सहयोग के लिए मार्ग प्रशस्त किया। रक्षा समाधानों की दक्षता और प्रभावशीलता को बढ़ाया और देश की सुरक्षा और तकनीकी उन्नति में योगदान दिया। इस कार्यक्रम में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी के अलावा सेना, नौसेना, वायु सेना और तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।