{"_id":"594943384f1c1b7b198b462b","slug":"cbse-sets-up-two-committees-to-review-the-evaluation-processes-being-followed-in-the-board","type":"story","status":"publish","title_hn":"12वीं कक्षा में मूल्यांकन में गलती पर शिक्षकों के खिलाफ होगी कार्रवाई, CBSE ने गठित की दो कमेटी ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
12वीं कक्षा में मूल्यांकन में गलती पर शिक्षकों के खिलाफ होगी कार्रवाई, CBSE ने गठित की दो कमेटी
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
Updated Tue, 20 Jun 2017 10:54 PM IST
विज्ञापन
CBSE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीबीएसई के 12वीं कक्षा के रिजल्ट के बाद मूल्याकंन के दौरान अंकों के जोड़ में गलती की जांच अब कमेटी करेगी। जिन शिक्षकों ने मूल्यांकन के दौरान लापरवाही की है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी गलती रोकने के लिए सीबीएसई मूल्यांकन पद्धति का दोबारा अध्ययन करवाने जा रहा है। मार्च 2018 की परीक्षा के बाद छात्रों को नई पद्धति के तहत मूल्यांकन की सुविधा मिलेगी।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, सीबीएसई बोर्ड से लाखों छात्र हर वर्ष पासआउट होते हैं। हालांकि महज 20 छात्रों के मूल्यांकन में 26 या 26 से अधिक अंक मिले हैं, लेकिन यह आंकड़ा जीरो होना चाहिए। इसीलिए सीबीएसई दो कमेटी गठित कर रहा है।
इनमें तीन-तीन वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। पहली कमेटी अपनी रिपोर्ट दो महीने में देगी, जिसमें विभिन्न रिजनल सेंटर में देखा जाएगा कि आखिर परीक्षा के बाद शिक्षकों ने अंकों के जोड़ में कैसे गलती की? ऐसे शिक्षकों से कमेटी बात करते हुए जांच करेगी? इस कमेटी की जांच में दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
विज्ञापन
दूसरी कमेटी तीन महीने में रिपोर्ट देगी। यह मूल्यांकन पद्धति का पूरा अध्ययन करेगी। यह कमेटी सुधार के साथ गलतियों को दूर करने के बारे में सिफारिश करेगी। कमेटी मूल्यांकन यह सुझाव देगी कि पद्धति में कैसे सुधार हो, मूल्यांकन कब शुरू हो, कौन-कौन से लोग शामिल हों, शिक्षक को जोड़ा जाए या नहीं, उनकी जिम्मेदारी तय हो, दिशा-निर्देश को अच्छे से समझाया जाए और यदि शिक्षक गलती करते हैं तो उनके खिलाफ क्या कारवाई की जाएं।
विज्ञापन
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, सीबीएसई बोर्ड से लाखों छात्र हर वर्ष पासआउट होते हैं। हालांकि महज 20 छात्रों के मूल्यांकन में 26 या 26 से अधिक अंक मिले हैं, लेकिन यह आंकड़ा जीरो होना चाहिए। इसीलिए सीबीएसई दो कमेटी गठित कर रहा है।
विज्ञापन
इनमें तीन-तीन वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। पहली कमेटी अपनी रिपोर्ट दो महीने में देगी, जिसमें विभिन्न रिजनल सेंटर में देखा जाएगा कि आखिर परीक्षा के बाद शिक्षकों ने अंकों के जोड़ में कैसे गलती की? ऐसे शिक्षकों से कमेटी बात करते हुए जांच करेगी? इस कमेटी की जांच में दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
विज्ञापन
दूसरी कमेटी तीन महीने में रिपोर्ट देगी। यह मूल्यांकन पद्धति का पूरा अध्ययन करेगी। यह कमेटी सुधार के साथ गलतियों को दूर करने के बारे में सिफारिश करेगी। कमेटी मूल्यांकन यह सुझाव देगी कि पद्धति में कैसे सुधार हो, मूल्यांकन कब शुरू हो, कौन-कौन से लोग शामिल हों, शिक्षक को जोड़ा जाए या नहीं, उनकी जिम्मेदारी तय हो, दिशा-निर्देश को अच्छे से समझाया जाए और यदि शिक्षक गलती करते हैं तो उनके खिलाफ क्या कारवाई की जाएं।